उदयपुर: टेलर कन्हैया लाल का कातिल कौन? जानें आतंकी कनेक्शन के बारें में

राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई है जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।  प्रशासन ने पूरे उदयपुर में धारा 144 लागू कर दी है।

राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैया लाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई है जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।  प्रशासन ने पूरे उदयपुर में धारा 144 लागू कर दी है। वहीं कई थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। उदयपुर के टेलर कन्हैया के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार रप लिया है। पुलिस ने आरोपी रियाज अख्तरी और गौस मोहम्मद को राजस्थान के राजसमंद से गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक टेलर कन्हैया लाल की हत्या के बाद दोनों आरोपी बाइक से पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर भाग रहे थे तभी जानकारी मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने उनका पीछा किया और राजसमंद में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

जानिए कौन हैं कन्हैया लाल के हत्यारे?

दोनों आरोपियों की पहचान उदयपुर के सूरजपोल इलाके के निवासी गौस मोहम्मद, बेटे रफीक मोहम्मद और अब्दुल जब्बार के बेटे रियाज के रूप में की गई है। राजसमंद के पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने कहा है कि आरोपियों की पहचान की पुष्टि की गई है। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपी मोटरसाइकिल पर हेलमेट पहनकर भागने की कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें भीम क्षेत्र में नाकेबंदी के दौरान पकड़ लिया गया।

आरोपियो पर आतंकी घटनाओं में शामिल होने का आशंका

उदयपुर में दिनदहाड़े हत्या को अंजाम देने वाले आरोपियों ने जुर्म को स्वीकार करते हुए वीडियो पोस्ट किया था. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. उनमें से एक की पहचान रियाज अख्तरी के रूप में की गई. अख्तरी के संबंध पाकिस्तान स्थित दावत-ए-इस्लामी से बताया जा रहा है. इस संगठन की भारत में भी ब्रांच हैं. दावत-ए-इस्लामी के कुछ मेंबर 2011 में पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गवर्नर सलमान तासीर की हत्या समेत कई आतंकी घटनाओं में शामिल थे. आशंका जताई जा रही है कि हमलावरों के ISIS से संबंध हो सकते हैं. पुलिस के मुताबिक दोनों आरोपियों को राजसमंद जिले के भीम क्षेत्र से दबोचा गया।

 कन्हैया लाल की हत्या के पीछे  ये बड़ी वजह

हमलावरों ने इस वारदात को इसलिए अंजाम दिया क्योंकि टेलर कन्हैया लाल ने कुछ दिनों पहले नूपुर शर्मा के पैगंबर पर टिप्पणी के समर्थन में एक पोस्ट किया था। 10 मई को कन्हैया लाल पर मुकदमा दर्ज हुआ था और फिर उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी। कोर्ट में पेशी के बाद कन्हैयालाल की बेल हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि लगातार धमकियों से कन्हैयालाल काफी परेशान थे और कई दिन तक अपनी दुकान नहीं खोली थी।

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