भारत को तोड़ने का सपना, बांग्लादेश के रिटायर्ड जनरल का ज़हरीला एजेंडा आखिर क्यों?
बांग्लादेश के रिटायर्ड जनरल अब्दुल्लाहिल अमान आज़मी ने भारत के खिलाफ फिर भड़ास निकाली। उन्होंने दावा किया कि भारत की वजह से बांग्लादेश में अशांति बनी रहती है। CHT में सेना तैनात करने की मांग भी उन्होंने की।

बांग्लादेश के रिटायर्ड ब्रिगेडियर जनरल अब्दुल्लाहिल अमान आज़मी ने एक बार फिर भारत के खिलाफ विवादित बयान देकर बवाल खड़ा कर दिया है। डेली टाइम्स ऑफ बांग्लादेश में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, आज़मी ने कहा है कि “जब तक भारत के टुकड़े-टुकड़े नहीं होंगे, तब तक बांग्लादेश को पूर्ण शांति नहीं मिल सकती।” यह वही जनरल है जो पहले भी पाकिस्तान की लाइन पकड़कर भारत पर लगातार आरोप लगाता रहा है।
भारत के खिलाफ ज़हर से भरी बयानबाज़ी
आज़मी जमात-ए-इस्लामी के दिवंगत नेता गुलाम आज़म का बेटा है। ढाका में एक कार्यक्रम के दौरान उसने फिर भारत पर उंगली उठाते हुए दावा किया कि भारत बांग्लादेश के भीतर जानबूझकर अशांति फैलाता है। चिटागॉन्ग हिल ट्रैक्ट्स शांति समझौते की 28वीं वर्षगांठ के पहले आयोजित चर्चा में उसने भारत पर ट्राइबल इलाकों में अस्थिरता बढ़ाने का आरोप लगा दिया।
शेख मुजीब और शेख हसीना पर भी हमले
आज़मी यहीं नहीं रुका। उसने शेख मुजीबुर रहमान और शेख हसीना सरकार पर भी हमला बोला। उसका दावा है कि भारत ने PCJSS और उसके सशस्त्र विंग “शांति बाहिनी” को शरण, हथियार और ट्रेनिंग दी, जिससे 1975 से 1996 तक पहाड़ी इलाकों में हिंसा भड़की। 1997 में हसीना सरकार द्वारा किए गए चिटागॉन्ग हिल ट्रैक्ट्स समझौते को आज़मी ने “तथाकथित” बताते हुए कहा कि हथियार डालने की प्रक्रिया एक दिखावा थी।
भारत-बांग्लादेश की नज़दीकी से चिढ़ता है आज़मी
आज़मी का भारत विरोध इतना गहरा है कि वह नहीं चाहता कि ढाका–दिल्ली संबंध कभी भी मजबूत हों। उसने परवेज मुशर्रफ़ और मौजूदा पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर की तरह भारत के टुकड़े-टुकड़े होने का ही सपना पाल रखा है, एक ऐसा सपना जो पाकिस्तान दशकों से देख रहा है और हर बार नाकाम हुआ है।
CHT में दोबारा सेना तैनात करने की मांग
आज़मी ने पूर्व सरकार द्वारा चिटागॉन्ग हिल ट्रैक्ट्स से 200 आर्मी कैंप हटाने के फैसले को गलत बताया और मांग की कि शांति बहाल करने के लिए वहां चार ब्रिगेड सेना तैनात की जाए। यह बयान उस समय सामने आया है जब बांग्लादेश में भारत-विरोधी माहौल पहले से ही उफान पर है और हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरें बढ़ रही हैं। आज़मी का ताज़ा बयान दोनों देशों के रिश्तों में और तनाव जोड़ने वाला माना जा रहा है।



