दुलारचंद की मौत पर बवाल, डीजीपी ने बताई अनंत सिंह प्रकरण की पूरी कहानी


बाढ़ में हुई हिंसा पर डीजीपी ने बताया कि पतली सड़क पर गाड़ियों के आगे बढ़ने के विवाद में दुलारचंद की मौत हुई। अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद जांच जारी है।

पटना: बिहार के बाढ़ में जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह के काफिले और जन सुराज कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद राज्य के डीजीपी विनय कुमार ने पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, जिस जगह यह घटना हुई वह सड़क बेहद संकरी थीजहां एक समय में केवल एक ही गाड़ी निकल सकती थी। दोनों पक्षों के काफिले का सामना इसी पॉइंट पर हुआ।

गाड़ी आगे करने के विवाद में मचा हंगामा
डीजीपी ने बताया कि दोनों पक्षों में इस बात पर विवाद हो गया कि पहले कौन आगे बढ़ेगा। वीडियो में साफ दिखता है कि झगड़े के दौरान जन सुराज के समर्थकों ने पहले पत्थरबाजी शुरू की, जिसके बाद जेडीयू प्रत्याशी के समर्थक भी उत्तेजित हो गए। देखतेदेखते दोनों तरफ से पत्थरबाजी शुरू हो गई और दर्जनों गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। इसी अफरातफरी में दुलारचंद यादव गिर पड़े और एक वाहन उनके ऊपर चढ़ गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

क्या जानबूझकर चढ़ाई गई गाड़ी?
विनय कुमार ने कहा कि यह स्पष्ट नहीं है कि दुलारचंद पर वाहन जानबूझकर चढ़ाया गया या भगदड़ के दौरान दुर्घटनावश। ड्राइवरों से पूछताछ की जा रही है और सभी फुटेज की बारीकी से जांच हो रही है। वीडियो में दोनों पक्षों को एकदूसरे पर गाड़ी पीछे लेने का दबाव बनाते देखा गया है, जिससे टकराव बढ़ गया। अनंत सिंह का कहना है कि उनकी गाड़ी आगे निकल चुकी थी, जिसकी भी जांच चल रही है।

अनंत सिंह की गिरफ्तारी और आगे की कार्रवाई
डीजीपी ने बताया कि अनंत सिंह की गिरफ्तारी शांति से हुई। उन्हें पहले ही सूचित किया गया था कि उन्हें क्यों गिरफ्तार किया जा रहा है। अब तक दुलारचंद हत्या कांड में 80 से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी आरोपियों पर भी दबाव बनाया जा रहा है। वर्तमान में अनंत सिंह पटना एसएसपी सेल में रखे गए हैं, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। उनका बयान दर्ज होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा। अगर आगे पूछताछ की जरूरत पड़ी, तो पुलिस रिमांड मांगेगी, अन्यथा उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।

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