Rajashthan news: 3.50 करोड़ के बिल पर शुरू हुई तकरार, जवाब में 13 करोड़ का टैक्स नोटिस
टोंक में नगर पालिका और बिजली विभाग आमने-सामने 3.50 करोड़ के बिल पर कटा कनेक्शन, जवाब में 13 करोड़ का टैक्स नोटिस दोनों विभागों के बीच नोटिस वॉर, अब सबकी नजर अगली कार्रवाई पर

Rajashthan news: राजस्थान के टोंक जिले में नगर पालिका और विद्युत विभाग आमने-सामने आ गए हैं। मामला करोड़ों रुपये के बकाया भुगतान का है। एक तरफ बिजली विभाग ने रोड लाइटों के 3.50 करोड़ रुपये के बकाया बिल को लेकर नोटिस जारी किया, तो दूसरी तरफ नगर पालिका ने 13 करोड़ रुपये के यूडी टैक्स का नोटिस थमा दिया।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला मालपुरा नगर पालिका का है, जो कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी का गृह क्षेत्र है। वहीं ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर टोंक जिले के प्रभारी मंत्री हैं। बिजली विभाग के अनुसार, नगर पालिका पर रोड लाइटों का करीब 3.50 करोड़ रुपये बकाया है। अधीक्षण अभियंता के.एल. पटेल का कहना है कि कई बार पत्र लिखने और अधिकारियों से अनुरोध करने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। आखिरकार विभाग ने रोड लाइटों का कनेक्शन काट दिया।
13 करोड़ के यूडी टैक्स का अल्टीमेटम
कनेक्शन कटते ही नगर पालिका ने पलटवार किया। विभाग को 13 करोड़ रुपये का यूडी टैक्स दो दिन में जमा कराने का नोटिस जारी कर दिया गया। नगर पालिका का दावा है कि बिजली विभाग के दफ्तर, पावर हाउस, पोल और अन्य भवनों का टैक्स लंबे समय से बकाया है।
क्या बोले अधिकारी?
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यूडी टैक्स का नोटिस द्वेषपूर्ण है और नियमों के मुताबिक इतनी बड़ी राशि बनती ही नहीं। उनका दावा है कि जिला मुख्यालय पर नगर परिषद का टैक्स महज करीब 2 लाख रुपये बनता है, जिसे विभागीय नियमों के अनुसार समायोजित कर लिया जाता है।फिलहाल दोनों विभाग अपने-अपने नोटिस पर अड़े हुए हैं। एक तरफ बिजली विभाग बकाया बिल के भुगतान का इंतजार कर रहा है, तो दूसरी तरफ नगर पालिका अपने अल्टीमेटम की अवधि पूरी होने का इंतजार कर रही है। अब देखना यह होगा कि करोड़ों की इस नोटिस जंग का अंत बातचीत से होता है या मामला और आगे बढ़ता है।



