Haryana news: DSP–हेड कांस्टेबल विवाद के बाद 9 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

DSP–हेड कांस्टेबल विवाद के बाद कैथल में 9 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर। फेसबुक पोस्ट में झूठे स्मैक केस में फंसाने की धमकी का आरोप। ACB ने नौकरी के नाम पर रिश्वत लेते दो अधिकारियों को रंगे हाथों पकड़ा।

हरियाणा के कैथल जिले में पुलिस विभाग के भीतर चल रहे विवाद ने तूल पकड़ लिया है। सोशल मीडिया पर लगे आरोपों के बाद एसपी ने सख्त कार्रवाई करते हुए एक इंस्पेक्टर समेत 9 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई नशा जागरूकता टीम से जुड़े कर्मचारियों पर भी की गई है।

 

फेसबुक पोस्ट से शुरू हुआ विवाद

मामले की शुरुआत तब हुई जब हेड कांस्टेबल सुनील संधू ने फेसबुक पर पोस्ट डालकर आरोप लगाया कि कलायत के डीएसपी ललित यादव ने उन्हें झूठे “स्मैक” (हेरोइन) केस में फंसाने की धमकी दी। सुनील संधू का कहना है कि वे राज्य सरकार के नशा मुक्ति अभियान से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया और उन पर दबाव बनाया गया। सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मच गई, जिसके बाद एसपी ने तुरंत एक्शन लेते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया।

 

ACB का बड़ा एक्शन: 30 हजार रुपये रिश्वत लेते दो अधिकारी गिरफ्तार

इसी बीच कैथल में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने भी बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने असिस्टेंट रजिस्ट्रार कोऑपरेटिव सोसायटी ऋषि महाजन और इंस्पेक्टर जसबीर को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने पाड़ला पैक्स में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से एक लाख रुपये की मांग की थी। इस मामले में पाड़ला निवासी मांगे राम ने ACB को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि वे अपने पोते अभिमन्यु को नौकरी दिलवाना चाहते थे। आरोप है कि अधिकारियों ने कहा था कि अन्य युवाओं से दो-दो लाख रुपये लिए गए हैं, लेकिन उनसे एक लाख रुपये में काम करवा दिया जाएगा। शिकायत के बाद ACB ने जाल बिछाया और 30 हजार रुपये लेते समय दोनों को पकड़ लिया।

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