IAS अनुराग यादव की CEC से बहस, बंगाल चुनाव पर्यवेक्षक पद से हटाए गए
मीटिंग में पोलिंग बूथ की जानकारी न दे पाने पर कार्रवाई CEC ज्ञानेश कुमार ने जताई नाराज़गी अनुराग यादव को तत्काल वापस यूपी भेजा गया

Ias news: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से जुड़ी एक अहम वर्चुअल मीटिंग में उत्तर प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी अनुराग यादव का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से विवाद हो गया। इस घटनाक्रम के बाद चुनाव आयोग ने तत्काल प्रभाव से उन्हें पर्यवेक्षक पद से हटा दिया और वापस यूपी भेज दिया।
मीटिंग में अचानक बदला माहौल
बुधवार को चुनाव आयोग की करीब तीन घंटे चली बैठक में पश्चिम बंगाल के डीजीपी, मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। समीक्षा के दौरान जब अनुराग यादव से उनके क्षेत्र में कुल पोलिंग बूथ की संख्या पूछी गई, तो वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इस पर मुख्य चुनाव आयुक्त ने नाराज़गी जताई और उन्हें तुरंत वापस लौटने के निर्देश दे दिए।
Ias news: जानकारी न दे पाने पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, करीब 20 दिन क्षेत्र में रहने के बावजूद अगर कोई अधिकारी बुनियादी जानकारी नहीं दे पाता, तो उसकी कार्यशैली पर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसी मुद्दे को लेकर बैठक में माहौल तनावपूर्ण हो गया।
Ias news: ‘ऐसे बात नहीं कर सकते’: अनुराग का जवाब
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डांट पड़ने पर अनुराग यादव ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके साथ इस तरह का व्यवहार ठीक नहीं है और उन्होंने सेवा में 25 साल दिए हैं। हालांकि, इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए आयोग ने उन्हें पद से हटा दिया।
पहले भी विवादों में रहे हैं अनुराग यादव
Ias news: अनुराग यादव पहले भी विवादों में रह चुके हैं। आईटी विभाग में रहते हुए उन्होंने एक ऐसी कंपनी के साथ समझौता किया था, जिसने 25,000 करोड़ रुपये के निवेश का दावा किया था, जबकि उसकी वास्तविक क्षमता काफी कम थी। मामला सामने आने के बाद सरकार को समझौता रद्द करना पड़ा और इसके बाद उनका तबादला कर दिया गया।
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