यूएई में AI से बनाए गए फर्जी वीडियो फैलाने पर 10 लोग गिरफ्तार, युद्ध के बीच सख्त कार्रवाई

यूएई में AI से बनाए गए फर्जी वीडियो फैलाने वालों पर बड़ी कार्रवाई युद्ध के माहौल में अफवाह फैलाने के आरोप में 10 विदेशी नागरिक गिरफ्तार दोषी पाए जाने पर एक साल की जेल और 1 लाख दिरहम तक जुर्माने की चेतावनी

दुबई: इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण मध्य-पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोशल मीडिया पर भ्रामक और मनगढ़ंत वीडियो फैलाने के मामले में सख्त कदम उठाया है। यूएई प्रशासन ने अलग-अलग देशों के 10 लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ तुरंत मुकदमा चलाने का आदेश दिया है।

 

अटॉर्नी जनरल ने दिए सख्त निर्देश

देश की आधिकारिक समाचार एजेंसी WAM के मुताबिक यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमाद सैफ अल शम्सी ने यह कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में चल रहे तनाव को देखते हुए डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की लगातार निगरानी की जा रही थी, जिसके बाद यह मामला सामने आया।

 

AI से बनाए गए फर्जी वीडियो किए गए वायरल

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से नकली वीडियो तैयार किए और उन्हें सोशल मीडिया पर फैलाया। इन वीडियो में यूएई के अलग-अलग इलाकों में धमाके, बड़ी आग या प्रमुख स्थलों पर हमले होने के झूठे दावे किए गए थे।

 

सैन्य ठिकानों को नष्ट होने का किया गया दावा

कुछ वीडियो में यह भी दिखाया गया कि यूएई के सैन्य ठिकाने नष्ट हो गए हैं, जबकि असल में वे फुटेज दूसरे देशों की घटनाओं से जुड़े थे। अधिकारियों के मुताबिक इन वीडियो का मकसद लोगों में डर फैलाना, अफवाहें फैलाना और देश की सुरक्षा व स्थिरता को कमजोर करना था।

 

दोषी पाए जाने पर जेल और भारी जुर्माना

यूएई के पब्लिक प्रॉसिक्यूशन ने सभी आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और उन्हें हिरासत में रखने का आदेश दिया गया है। कानून के तहत ऐसे मामलों में कम से कम एक साल की जेल और करीब 1 लाख दिरहम (लगभग 22 लाख रुपये) तक का जुर्माना हो सकता है। यूएई सरकार ने साफ चेतावनी दी है कि क्षेत्रीय तनाव का फायदा उठाकर फर्जी खबरें या भ्रामक वीडियो फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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