अल-फलाह यूनिवर्सिटी जमीन घोटाला: मृतक व्यक्तियों के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर हुआ सौदा

प्रवर्तन निदेशालय ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े जमीन सौदे में फर्जी GPA और जाली दस्तावेज़ का खुलासा किया। मृतक व्यक्तियों के नाम पर बनाई गई GPA से तर्बिया एजुकेशन फाउंडेशन ने जमीन हासिल की। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े एक बड़े जमीन घोटाले का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि मदनपुर खदर इलाके की खसरा नंबर 792 वाली जमीन को फर्जी दस्तावेजों के ज़रिए बेच दिया गया और अंततः यह जमीन तर्बिया एजुकेशन फाउंडेशन के नाम हो गई। यह फाउंडेशन यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावद अहमद सिद्दीकी से जुड़ा हुआ है।

 

मृतक लोगों के नाम पर बनाई गई फर्जी GPA

जांच में ED ने पाया कि जमीन बेचने के लिए जो General Power of Attorney (GPA) इस्तेमाल की गई, वह पूरी तरह से फर्जी थी। दस्तावेज़ में जिन लोगों के नाम और हस्ताक्षर दिखाए गए, उनमें कई लोग 1972 से 1998 के बीच ही मर चुके थे। बावजूद इसके, GPA पर तारीख 7 जनवरी 2004 लिखी गई और यह दिखाया गया कि मृतक लोगों ने खुद दस्तावेज तैयार किया। मृतक व्यक्तियों के नाम: नथू – 1972 में मृत, हरबंस सिंह – 1991 में मृत, हरकेश – 1993 में मृत, शिव दयाल – 1998 में मृत, जय राम – 1998 में मृत

 

विनोद कुमार के नाम पर फर्जी GPA

जांच में यह भी पता चला कि फर्जी GPA विनोद कुमार के नाम पर बनाई गई थी। इसी GPA के आधार पर विनोद कुमार ने जमीन आगे बेच दी। दस्तावेज़ में मृतक व्यक्तियों को co-owner दिखाया गया और उनकी हिस्सेदारी भी बेच दी गई।

 

रजिस्टर्ड सेल डीड और सौदे का विवरण

फर्जी GPA के नौ साल बाद, 27 जून 2013 को रजिस्टर्ड सेल डीड तैयार की गई। जमीन की कीमत ₹75 लाख दिखाई गई।खरीदार: तर्बिया एजुकेशन फाउंडेशन, बेचने वाले: विनोद कुमार, जिन्होंने मृतक और जीवित सभी मालिकों की ओर से दस्तखत किए। कानूनी स्थिति, ED के अनुसार: मृतक लोगों के नाम पर बनाई गई GPA कानूनी रूप से अमान्य है। ऐसे दस्तावेज़ पर आधारित सेल डीड भी गैरकानूनी मानी जाती है। यानी पूरा सौदा फर्जी और धोखाधड़ी पर आधारित था।

 

फर्जीवाड़े का अंतिम लाभार्थी

जांच में स्पष्ट हुआ कि इस फर्जीवाड़े का अंतिम लाभार्थी तर्बिया एजुकेशन फाउंडेशन है, जिसने फर्जी GPA और जाली हस्ताक्षरों की मदद से जमीन हासिल की।

 

ED की कार्रवाई

ED अब इस मामले में फर्जी दस्तावेज बनाने वाले, GPA तैयार कराने वाले दलाल, सेल डीड कराने वाले और लाभ उठाने वाले लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और धोखाधड़ी के तहत कार्रवाई कर रही है।

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