मणिपुर में फिर बन सकती है सरकार, BJP ने विधायकों को दिल्ली बुलाया
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन के बीच सियासी हलचल तेज़ हो गई है। भाजपा हाईकमान ने राज्य के विधायकों को दिल्ली बुलाया है। सरकार गठन को लेकर अटकलें और उम्मीदें दोनों बढ़ गई हैं।

मणिपुर में इस साल की शुरुआत से राष्ट्रपति शासन लागू है, लेकिन अब राज्य में एक बार फिर सरकार बनने की संभावनाएं तेज़ हो गई हैं। इसकी वजह यह है कि भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मणिपुर के सभी भाजपा विधायकों को दिल्ली बुलाया है। इस घटनाक्रम को लेकर सियासी हलकों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। इस पूरे मामले की जानकारी खुद मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने दी है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने राज्य से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा के लिए विधायकों को दिल्ली बुलाया है, जिससे सरकार गठन की अटकलें और तेज़ हो गई हैं।
बीरेन सिंह ने क्या कहा?
पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा, “भारतीय जनता पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी है। पार्टी के केंद्रीय नेताओं ने मणिपुर के विधायकों को आगामी रविवार को दिल्ली बुलाया है, ताकि राज्य से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जा सके। मेरा मानना है कि यह सरकार गठन से जुड़ा हो सकता है, लेकिन फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हममें से कई लोग दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं।”
2023 में भड़की थी भीषण हिंसा
एन बीरेन सिंह ने उम्मीद जताई है कि मणिपुर में जल्द ही फिर से एक लोकप्रिय सरकार का गठन हो सकता है। गौरतलब है कि मई 2023 में मणिपुर में मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच भीषण हिंसा भड़क उठी थी। इस लंबे संघर्ष में 260 से अधिक लोगों की जान चली गई थी और हजारों लोग अपने घरों से बेघर हो गए थे।
मणिपुर में भाजपा की स्थिति
लगातार जारी हिंसा और हालात के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 13 फरवरी 2025 को केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया। फिलहाल राज्य की विधानसभा को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि उसका कार्यकाल 2027 तक है। मणिपुर विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं, जिनमें से वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी के पास 37 विधायक हैं। ऐसे में यदि राजनीतिक सहमति बनती है, तो राज्य में फिर से सरकार गठन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।



