मणिपुर में वर्दी पर दाग! हिंसक प्रदर्शन में शामिल निकला पुलिसकर्मी

इंफाल में ड्यूटी पर तैनात जवान ही हिंसा में पकड़ा गया मासूम भाई-बहन की मौत के बाद भड़का गुस्सा, NIA को सौंपी जांच बंद और विरोध से 12 जिलों में जनजीवन पूरी तरह ठप

Manipur news: मणिपुर में जारी हिंसा के बीच एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने सबको चौंका दिया। इस बार आरोप किसी आम प्रदर्शनकारी पर नहीं, बल्कि खुद पुलिस के जवान पर लगा है, और यही बात हालात को और ज्यादा संवेदनशील बना रही है। Imphal में पुलिस ने अपने ही विभाग के जवान थौडाम गोजेंद्रो सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह हिंसक प्रदर्शन में शामिल था और उसने सुरक्षा बलों पर हमला करने में भी भूमिका निभाई। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य पहले से ही तनाव की आग में जल रहा है।

पुलिसकर्मी ही निकला उपद्रवी

जांच के मुताबिक, इंफाल ईस्ट के कोईरेंगेई क्रॉसिंग पर प्रदर्शन के दौरान दोनों आरोपियों ने सड़क पर मलबा जलाया और माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। इतना ही नहीं, गुलेल और पत्थरों से सुरक्षा बलों पर हमला करने के भी आरोप लगे हैं। इस घटना ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Manipur news: मासूम बच्चों की मौत से भड़का गुस्सा

दरअसल, यह पूरा बवाल 7 अप्रैल को Bishnupur district के ट्रोंग्लाओबी में हुए बम धमाके के बाद भड़का। इस दर्दनाक घटना में 5 साल के बच्चे और उसकी 6 महीने की बहन की मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री N. Biren Singh ने जांच National Investigation Agency को सौंप दी है।

Manipur news: 12 जिलों में बंद, जनजीवन ठप

हिंसा और विरोध प्रदर्शनों का असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। 16 में से 12 जिलों में जनजीवन ठप हो गया है। घाटी के जिलों में JAC का 5 दिन का बंद जारी है, जबकि नागा बहुल इलाकों में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने 3 दिन का बंद बुलाया है। सड़कों पर सन्नाटा है और बाजार, स्कूल, बैंक सब बंद पड़े हैं।

विधायक की मौत से और भड़का आक्रोश

चुराचांदपुर में बीजेपी विधायक वुंगजागिन वाल्टे की मौत ने भी लोगों के गुस्से को बढ़ा दिया है। मई 2023 में हिंसा के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हुए थे और लंबे इलाज के बाद फरवरी में उनका निधन हो गया। अब उनके लिए न्याय की मांग को लेकर विरोध तेज हो गया है।

आम जनता पर सबसे ज्यादा मार

लगातार बंद और हिंसा का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी जूझना पड़ रहा है। हालांकि कुछ जगहों पर दवा की दुकानें खुली हैं, लेकिन बाकी सब कुछ लगभग ठप है।

कब थमेंगे हालात?

Manipur news: मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा में अब तक करीब 260 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो चुके हैं। मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जारी टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा, जो सरकार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।

 

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