छत्तीसगढ़: दंतेवाड़ा में 37 नक्सली हुए सरेंडर, सरकार देगी रिहैबिलिटेशन और स्किल ट्रेनिंग
दंतेवाड़ा में 37 नक्सली सरेंडर, 12 महिलाएं भी शामिल। सरकार देगी रिहैबिलिटेशन, स्किल ट्रेनिंग और आर्थिक मदद। मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में रविवार को 37 नक्सलियों ने पुलिस के सामने सरेंडर किया। पुलिस के मुताबिक, इनमें से 27 नक्सलियों पर कुल मिलाकर 65 लाख रुपये का इनाम था। पुलिस सुपरिटेंडेंट गौरव राय ने बताया कि 12 महिलाएं भी शामिल हैं। ये सभी “पूना मार्गेम” पहल के तहत सीनियर पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने सरेंडर हुए। इस पहल का उद्देश्य बस्तर इलाके में शांति, सम्मान और समग्र विकास लाना है।
सरेंडर करने वाले नक्सली और इनाम राशि
सरेंडर करने वालों में कुमाली उर्फ अनीता मंडावी, गीता उर्फ लक्ष्मी मड़कम, रंजन उर्फ सोमा मंडावी और भीमा उर्फ जहाज कलमू शामिल हैं। इनके ऊपर 8-8 लाख रुपये का इनाम था।सरेंडर करने वाले नक्सलियों को सरकार की रिहैबिलिटेशन पॉलिसी के तहत 50,000 रुपये की तुरंत सहायता, स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग, खेती की जमीन और अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी।
20 महीने में 500 से ज्यादा नक्सली मुख्यधारा में लौटे
पुलिस ने बताया कि पिछले 20 महीनों में दंतेवाड़ा जिले में 508 से ज्यादा माओवादी, जिनमें 165 पर इनाम था, हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुके हैं। इन नक्सलियों में सीनियर नेता और अपने बेस एरिया के एक्टिव कैडर भी शामिल हैं।
मार्च 2026 तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में पिछले 23 महीनों में टॉप कैडर समेत 2,200 से ज्यादा नक्सलियों ने सरेंडर किया है। केंद्र सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक पूरे देश से नक्सलवाद को समाप्त करना है।



