कंबोडिया-थाईलैंड सीमा पर रॉकेट लॉन्च के दौरान हादसा, 8 कंबोडियाई सैनिकों की मौत
कंबोडिया-थाईलैंड सीमा पर रॉकेट लॉन्च के दौरान बड़ा हादसा चीन निर्मित रॉकेट सिस्टम में विस्फोट, 8 कंबोडियाई सैनिकों की मौत वायरल वीडियो के बाद हथियारों की विश्वसनीयता पर उठे सवाल

Combodia news: कंबोडिया और थाईलैंड के बीच जारी सीमा संघर्ष के बीच एक गंभीर हादसा सामने आया है।कंबोडिया और थाईलैंड के बीच जारी सीमा संघर्ष के बीच एक गंभीर हादसा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंबोडियाई सेना द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा चीन निर्मित रॉकेट लॉन्चर लॉन्चिंग के दौरान ही विस्फोट का शिकार हो गया। इस दुर्घटना में कम से कम 8 कंबोडियाई सैनिकों की मौत हो गई। यह घटना कंबोडिया-थाईलैंड सीमा के बेहद करीब हुई बताई जा रही है। हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें लॉन्च के समय रॉकेट सिस्टम में अचानक विस्फोट होते देखा जा सकता है।
लॉन्च के वक्त हुआ विस्फोट
जानकारी के अनुसार, कंबोडियाई सेना चीन निर्मित MLRS टाइप 90B रॉकेट सिस्टम से फायरिंग कर रही थी। इसी दौरान रॉकेट लॉन्च होते ही सिस्टम में ब्लास्ट हो गया। विस्फोट इतना तेज था कि पूरा लॉन्चिंग वाहन आग की चपेट में आ गया, जिससे मौके पर मौजूद सैनिकों को संभलने का मौका नहीं मिला। इस घटना के बाद हथियारों की तकनीकी विश्वसनीयता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि विस्फोट तकनीकी खराबी के कारण हुआ या किसी अन्य वजह से।
सीमा संघर्ष के बीच बढ़ी चिंता
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब कंबोडिया और थाईलैंड के बीच विवादित सीमा क्षेत्र को लेकर तनाव चरम पर है। दोनों देशों के बीच रॉकेट और तोपखाने से गोलाबारी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। यह संघर्ष दक्षिण-पूर्व एशिया में हाल के वर्षों की सबसे गंभीर सीमा झड़पों में गिना जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो नवंबर-दिसंबर 2025 के दौरान हुए संघर्ष से जुड़ा है। सीमा पर जारी हिंसा के चलते अब तक दर्जनों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 5 लाख से अधिक लोग प्रभावित इलाकों से पलायन कर चुके हैं।
टूटते युद्धविराम और बढ़ता तनाव
इस विवाद को शांत करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में दो बार युद्धविराम की कोशिशें की गई थीं, लेकिन हालिया समझौता भी टूट चुका है। इसके बाद से दोनों देशों की सेनाएं फिर आमने-सामने हैं और हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। फिलहाल, इस रॉकेट हादसे को लेकर कंबोडियाई सेना या चीन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुर्घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे।



