अमेरिका-इजरायल बनाम ईरान युद्ध: 10 दिन में हजारों मौतें, कई देशों तक फैला संघर्ष

मिडिल ईस्ट में युद्ध का 11वां दिन, कई देशों तक फैल चुका संघर्ष ईरान, इजरायल और लेबनान समेत कई जगहों पर हजारों लोग बने जंग का शिकार सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 10 दिन में ही बड़ी संख्या में मौतें और हजारों घायल

Iran crisis: 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमले शुरू किए, जिसके बाद हालात तेजी से बिगड़ते चले गए। देखते ही देखते यह संघर्ष पूरे मिडिल ईस्ट में फैल गया। जंग का आज 11वां दिन चल रहा है और हर गुजरते दिन के साथ हालात और भयावह होते जा रहे हैं। अब तक कई देशों में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि इससे कई गुना ज्यादा लोग घायल हुए हैं। आइए, अलग-अलग देशों की सरकारों, सेनाओं और राहत एजेंसियों के जारी आंकड़ों के आधार पर समझते हैं कि इस युद्ध में अब तक कितना नुकसान हुआ है।

 

ईरान

ईरान में इस युद्ध का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक 1,200 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें करीब 200 महिलाएं और 12 साल से कम उम्र के लगभग 200 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 10,000 से अधिक आम नागरिक घायल हुए हैं।ईरान की सरकारी संस्था ‘शहीदों और वेटरन्स मामलों का फाउंडेशन’ का कहना है कि अमेरिका और इजरायल के हमलों में मरने वालों की संख्या 1,230 तक पहुंच गई है। वहीं अमेरिकी मानवाधिकार संगठन HRANA का दावा है कि मृतकों की संख्या इससे भी ज्यादा यानी कम से कम 1,708 है। HRANA के अनुसार इनमें 1,205 आम नागरिक, 187 सैन्यकर्मी और 316 ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। मृतकों में कम से कम 194 बच्चे भी शामिल बताए गए हैं।

 

इजरायल

इजरायल में भी ईरान के जवाबी हमलों के कारण नुकसान हुआ है। इजरायल की सेना और बचावकर्मियों के अनुसार अब तक 13 लोगों की मौत हुई है और कई लोग घायल हुए हैं। इनमें से 11 लोगों की मौत ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों के कारण हुई। बेइत शेमेश शहर पर हुए एक हमले में 9 लोग मारे गए, जिनमें 4 नाबालिग भी शामिल थे। इसके अलावा दक्षिणी लेबनान में लड़ाई के दौरान इजरायल के 2 सैनिकों की मौत की भी पुष्टि की गई है।

 

लेबनान

लेबनान में भी इस संघर्ष का बड़ा असर देखा गया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले एक हफ्ते में हुए हमलों में 486 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,313 लोग घायल हुए हैं।पहले जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक मरने वालों में 83 बच्चे और 42 महिलाएं भी शामिल हैं। लेबनानी सेना ने भी अपने 3 सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि हिजबुल्लाह की ओर से अभी तक अपने नुकसान के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।

 

खाड़ी क्षेत्र

खाड़ी देशों में भी ईरानी हमलों और सैन्य गतिविधियों के कारण कई जानें गई हैं। खाड़ी देशों के अधिकारियों और अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार पड़ोसी देशों में कुल 23 लोगों की मौत हुई है। इनमें ज्यादातर सैनिक या सुरक्षा बलों के सदस्य थे, जबकि 10 आम नागरिक भी मारे गए हैं। कुवैत में 6 लोगों की मौत हुई, जिनमें 2 सैनिक, 2 सीमा सुरक्षा गार्ड और 2 आम नागरिक शामिल हैं। मरने वालों में एक 11 साल की लड़की भी बताई गई है। संयुक्त अरब अमीरात में 6 लोगों की मौत हुई, जिनमें 4 आम नागरिक और 2 सैन्यकर्मी शामिल हैं। इन सैनिकों की मौत तकनीकी खराबी के कारण हुए एक हेलीकॉप्टर हादसे में हुई। सऊदी अरब में 2 नागरिकों की मौत हुई है, जबकि बहरीन में 2 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ओमान में समुद्र में एक नाविक की मौत की खबर सामने आई है। कतर में 16 लोग घायल हुए हैं, लेकिन वहां किसी की मौत नहीं हुई। CENTCOM ने यह भी पुष्टि की है कि कुवैत में 6 अमेरिकी सैनिक और सऊदी अरब में 1 अमेरिकी सैनिक मारा गया है।

 

इराक

इराक में भी इस संघर्ष का असर देखने को मिला है। ईरान समर्थक लड़ाकों ने दावा किया है कि हवाई हमलों में उनके 16 सदस्य मारे गए हैं और इसके लिए उन्होंने अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। इराक के स्वायत्त कुर्दिस्तान क्षेत्र में एरबिल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हमले में एक एयरपोर्ट गार्ड की मौत हो गई। इसके अलावा ईरान के हमलों में कम से कम 2 ईरानी कुर्द लड़ाके भी मारे गए हैं।

 

जॉर्डन

जॉर्डन में अब तक किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि सेना के प्रवक्ता मुस्तफा हयारी के अनुसार ईरानी मिसाइलों और ड्रोन के मलबे गिरने के कारण देश के अलग-अलग हिस्सों में 14 लोग घायल हुए हैं।

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