बंगाल में चुनाव आयोग का ‘चाबुक’: 5 पुलिस अधिकारी सस्पेंड! क्या खाकी के दम पर हो रहा था ‘खेला’?

डायमंड हार्बर के 5 पुलिस अफसर सस्पेंड; चुनाव आयोग ने खाकी की 'बदमाशी' पर लगाया लगाम। एसपी को कड़ी चेतावनी, आयोग ने पूछा- आखिर किसके दबाव में पक्षपात कर रहे थे अधिकारी? बंगाल ने रचा इतिहास; पहले चरण में करीब 92% वोटिंग, क्या ये बदलाव की लहर है?

West Bengal: पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में इस वक्त की सबसे बड़ी खबर डायमंड हार्बर से आ रही है। चुनाव आयोग ने अपनी निष्पक्षता पर सवाल उठाने वाले पुलिस अधिकारियों पर कड़ा एक्शन लिया है। शुक्रवार को आयोग ने डायमंड हार्बर पुलिस जिले के 5 बड़े अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। आरोप बेहद गंभीर हैं, चुनाव के पहले चरण में पक्षपात करना और निष्पक्षता की धज्जियां उड़ाना।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

आयोग ने साफ कर दिया है कि चुनाव में ‘मैनेजमेंट’ करने वालों की अब खैर नहीं। निलंबित होने वाले अधिकारियों में छोटे से लेकर बड़े पद के अफसर शामिल हैं: संदीप गराई (एएसपी, डायमंड हार्बर), सजल मंडल (एसडीपीओ, डायमंड हार्बर), मौसम चक्रवर्ती (इन्सपेक्टर, डायमंड हार्बर थाना), अजय बाग (इन्सपेक्टर, फलता थाना), शुभेच्छा बाग (ओआईसी, उस्थी थाना), सिर्फ सस्पेंशन ही नहीं, आयोग ने इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच (Disciplinary Action) शुरू करने के भी आदेश दे दिए हैं।

West Bengal: एसपी इशानी पाल को ‘अल्टीमेटम’

आयोग ने सिर्फ नीचे के अधिकारियों को ही नहीं नापा, बल्कि डायमंड हार्बर की एसपी इशानी पाल को भी कड़ी चेतावनी जारी की है। आयोग का मानना है कि एसपी अपने जूनियर्स के बीच अनुशासन और निष्पक्षता बनाए रखने में पूरी तरह फेल रहीं। आयोग ने सख्त लहजे में कहा है कि शनिवार सुबह 11 बजे तक इस कार्रवाई की रिपोर्ट टेबल पर होनी चाहिए।

बंगाल में ‘बंपर’ वोटिंग: रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी!

West Bengal: एक तरफ जहां पुलिस पर कार्रवाई हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल की जनता ने लोकतंत्र के उत्सव में दिल खोलकर हिस्सा लिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक, पहले चरण में बंगाल ने वो कर दिखाया जो आज़ादी के बाद से अब तक नहीं हुआ था। 91.91 प्रतिशत मतदान! दक्षिण दिनाजपुर  ने तो हद ही कर दी, यहाँ 94.85% वोटिंग हुई। कूच बिहार, बीरभूम और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में भी 90% से ऊपर मतदान दर्ज किया गया। बंगाल की बाकी 142 सीटों पर 29 मई को घमासान होगा और 4 जून को जनता का आखिरी फैसला दुनिया के सामने आएगा।

 

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