राघव चड्ढा ने 7 सांसदों के साथ झाड़ू छोड़ी, कमल थामा! क्या ढह जाएगा केजरीवाल का किला?
केजरीवाल के 'पोस्टर बॉय' ने थामा कमल, 7 सांसदों संग AAP में बड़ी बगावत! स्वाति मालीवाल के आरोपों से लेकर पदों की छंटनी तक; ऐसे लिखी गई इस टूट की पटकथा। चुनाव से पहले 'झाड़ू' बिखरी; क्या जांच एजेंसियों का डर था या अपनों से मिला धोखा?

Raghav chaddha: दिल्ली की सियासत से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर आ रही है। अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (AAP) ताश के पत्तों की तरह बिखर गई है। कभी केजरीवाल के ‘पोस्टर बॉय’ कहे जाने वाले राघव चड्ढा ने राज्यसभा के 7 सांसदों के साथ बगावत कर दी है और बीजेपी का दामन थाम लिया है। जिसे कल तक केजरीवाल अपनी ताकत समझते थे, आज उसी ने पार्टी की जड़ें हिला दी हैं। लेकिन सवाल ये है कि क्या ये सिर्फ एक दलबदल है या फिर केजरीवाल के ‘तानाशाही’ रवैये के खिलाफ कोई बड़ा धमाका?
अंदरूनी कलह या सत्ता की जंग?
ये जो बवंडर आज दिख रहा है, इसकी पटकथा बहुत पहले लिखी जा चुकी थी। पार्टी के भीतर महीनों से खदबद चल रही थी। केजरीवाल और उनके खास सिपहसालारों के बीच अविश्वास की खाई इतनी चौड़ी हो गई थी कि उसे भरना नामुमकिन था। इस आग में घी डालने का काम किया **स्वाति मालीवाल वाले कांड ने। 13 मई को मुख्यमंत्री आवास पर मालीवाल के साथ जो बदसलूकी हुई, उसने पार्टी के भीतर के ‘गुंडा तंत्र’ की पोल खोल दी थी। वहीं से सीनियर नेताओं में असुरक्षा की भावना पैदा हुई, जो आज इस बड़ी टूट के रूप में सामने आई है।
Raghav chaddha: इन दिग्गजों ने फेरा केजरीवाल से मुंह
हैरानी की बात ये है कि इस लिस्ट में सिर्फ राघव चड्ढा ही नहीं, बल्कि अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और संदीप पाठक जैसे चेहरे शामिल हैं। ये वो लोग थे जिन्होंने सार्वजनिक तौर पर कभी चूं तक नहीं की थी, लेकिन अंदर ही अंदर गुबार फूट रहा था। अशोक मित्तल पर शिकंजा: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के मालिक अशोक मित्तल का इस्तीफा तब आया जब ED की रेड पड़ी। अब इसे संयोग कहें या प्रयोग, लेकिन संजय सिंह इसे ‘ऑपरेशन लोटस’ बता रहे हैं। उनका कहना है कि ये इस्तीफा स्वेच्छा से नहीं बल्कि एजेंसियों के डर से दिलाया गया है।
Raghav chaddha: राघव चड्ढा: अर्श से फर्श तक का सफर
एक वक्त था जब पंजाब फतह के बाद राघव चड्ढा भगवंत मान के बाद सबसे ताकतवर चेहरा बनकर उभरे थे। लेकिन जैसे ही आबकारी नीति मामले में केजरीवाल जेल गए, राघव की चमक फीकी पड़ने लगी। पार्टी ने उन पर ‘मुश्किल वक्त में भाग जाने’ का ठप्पा लगा दिया। बदला तो तब लिया गया जब इसी महीने उन्हें राज्यसभा के उप-नेता पद से बेइज्जत करके हटाया गया। राघव ने तब कहा था, “मैं वो नदी हूं जो बाढ़ बन सकती है।” आज वो बाढ़ आ गई और केजरीवाल के आत्मविश्वास को बहा ले गई।
स्वाति मालीवाल का सीधा वार
इस्तीफे के बाद स्वाति मालीवाल ने केजरीवाल पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी अब भ्रष्टाचार का अड्डा बन गई है। महिलाओं के साथ मारपीट और गुंडागर्दी करने वालों को सरंक्षण दिया जा रहा है।
न्यूज़ नशा का नज़रिया
Raghav chaddha: केजरीवाल के लिए ये झटका सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। गुजरात, गोवा और पंजाब के विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस टूट ने AAP के वजूद पर सवालिया निशान लगा दिया है। क्या केजरीवाल इस ‘राजनीतिक सुनामी’ से अपनी नैया पार लगा पाएंगे, या फिर ‘आम आदमी’ की ये पार्टी खास लोगों की रंजिश में खत्म हो जाएगी? देखते रहिए न्यूज़ नशा।
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