तमिलनाडु में खत्म हुआ इंतजार, राज्यपाल से मिलेंगे विजय और पेश करेंगे सरकार बनाने का दावा

तमिलनाडु की सत्ता में विजय का आगाज, राज्यपाल से मुलाकात के बाद पेश करेंगे दावा 120 विधायकों के समर्थन के साथ बहुमत का आंकड़ा पार, समर्थकों में भारी उत्साह चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी टीवीके, स्टालिन ने भी दी बधाई

Tamilnadu politics: तमिलनाडु की सियासत में लंबे समय से बना सस्पेंस अब खत्म होने की कगार पर है। टीवीके चीफ विजय को आखिरकार राज्यपाल से मिलने का समय मिल गया है, जिसके बाद वह सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश करेंगे। हालांकि, मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचने का यह सफर आसान नहीं रहा। बहुमत के आंकड़े को छूने से लेकर राजभवन के समय तक, विजय को कई राजनीतिक पेचों का सामना करना पड़ा। शनिवार शाम जब वह राजभवन पहुंचे थे, तब मुलाकात नहीं हो सकी थी, लेकिन अब हरी झंडी मिलने के बाद वह दोबारा राज्यपाल राजेंद्र आर्लेकर से मिलने पहुंचे हैं।

Tamilnadu politics: सहयोगी दलों का साथ और बहुमत का गणित

सरकार बनाने की इस दौड़ में विजय ने कुल 120 विधायकों का मजबूत समर्थन जुटा लिया है। इसमें वीसीके और ऑल इंडिया मुस्लिम लीग जैसे दलों का अहम योगदान है, जिन्होंने बिना शर्त अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। जैसे ही जादुई आंकड़ा पार हुआ, टीवीके समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर जश्न मनाना शुरू कर दिया। इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने भी विजय को नई पारी के लिए शुभकामनाएं दी हैं, जिससे राज्य में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट और तेज हो गई है।

सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी टीवीके

Tamilnadu politics: विधानसभा चुनाव के नतीजों में विजय की पार्टी टीवीके 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में सामने आई। हालांकि विजय के दो सीटों से जीतने के कारण तकनीकी रूप से पार्टी के विधायकों की संख्या 107 गिनी जा रही है। सरकार बनाने के लिए उन्हें कांग्रेस के 5 विधायकों के साथ-साथ वीसीके, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग और वामपंथी दलों (सीपीआई और सीपीआईएम) का भी पूरा साथ मिला है। इसी एकजुटता के भरोसे विजय अब तमिलनाडु की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत करने जा रहे हैं।

 

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