मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल, अमेरिकी कार्रवाई के बाद होर्मुज में तनाव चरम पर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका ने ईरानी टैंकरों को किया ढेर, रातभर चली भीषण गोलीबारी तेल सप्लाई के सबसे बड़े रूट पर कब्जे की जंग, वैश्विक बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ने का डर शांति वार्ता नाकाम होने के बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ा टकराव, यूएई पर भी ड्रोन और मिसाइल हमले का दावा

Iran crisis: मिडिल ईस्ट के हालातों ने एक बार फिर पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना और ईरान के बीच सीधी भिड़ंत की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना ने ईरान के दो ऑयल टैंकरों को निशाना बनाकर उन्हें पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से पहले दोनों देशों की सेनाओं के बीच रातभर भारी गोलीबारी हुई। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात ने भी दावा किया है कि ईरान की तरफ से उस पर मिसाइल और ड्रोन के जरिए हमला किया गया है, जिससे क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।

अमेरिकी नाकेबंदी और जवाबी कार्रवाई का टकराव

अमेरिकी सेना ने इस हमले को लेकर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि ईरानी टैंकर अमेरिकी ब्लॉकेड को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों का आरोप है कि इस कार्रवाई से ठीक पहले अमेरिकी नौसेना के तीन जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की गई थी, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने होर्मुज के आसपास स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर जोरदार प्रहार किया है। इस टकराव ने दोनों देशों के बीच चल रहे सैन्य संघर्ष को और अधिक हिंसक बना दिया है।

Iran crisis: तेल मार्ग पर पाबंदी और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर

हकीकत यह है कि बीते 28 फरवरी से ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बना हुआ है। अमेरिका और इज़रायल के साथ बढ़ते विवाद के बाद ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर आवाजाही रोक दी थी। चूंकि यह दुनिया का सबसे प्रमुख तेल सप्लाई रूट है, इसलिए इसके बंद होने का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। अप्रैल में शांति वार्ता विफल होने के बाद से अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी और ज्यादा सख्त कर दी है।

बयानबाजी और पाकिस्तान की शांति की कोशिशें

Iran crisis: इस पूरे घटनाक्रम पर दोनों देशों के बीच जुबानी जंग भी तेज हो गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ चेतावनी दी है कि अमेरिकी हितों को चुनौती देने वालों को कड़ा सबक सिखाया जाएगा। वहीं ईरान ने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन बताया है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच सुलह कराने की कोशिशों में जुटा है। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम और समुद्री रास्तों को लेकर रार इतनी बढ़ चुकी है कि फिलहाल सीजफायर की उम्मीद कम ही नजर रही है।

 

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