शुभेंदु अधिकारी के पीए की सरेआम गोली मारकर हत्या
बंगाल में खूनी खेल: शुभेंदु अधिकारी के करीबी की हत्या से मचा हड़कंप सियासी रंजिश या सोची-समझी साजिश? सरेआम गोलियों से भूना गया बीजेपी नेता का पीए हिंसा की आग में झुलसता पश्चिम बंगाल: न्यूटाउन से मध्यग्राम तक दहशत का माहौल

Shubhendru’s Pa murder: पश्चिम बंगाल के मध्यग्राम से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहां बीजेपी के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट चंद्रनाथ रथ की बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी है। जानकारी के मुताबिक हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ चार गोलियां चलाईं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।
शुभेंदु अधिकारी मौके के लिए रवाना
चंद्रनाथ रथ शुभेंदु अधिकारी के काफी करीबी माने जाते थे और हालिया चुनाव अभियानों में उनके पास बड़ी जिम्मेदारियां थीं। अपने सहयोगी की मौत की खबर मिलते ही शुभेंदु अधिकारी तुरंत मध्यमग्राम के लिए रवाना हो गए हैं। इस घटना ने एक बार फिर राज्य की राजनीति में उबाल ला दिया है।
Shubhendru’s Pa murder: गाड़ी रुकवाकर करीब से दागीं गोलियां
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावर बाइक पर सवार होकर आए थे और वे चंद्रनाथ की गाड़ी का पीछा कर रहे थे। बदमाशों ने पहले उनकी गाड़ी रुकवाई और फिर कार के शीशे से सटाकर उन पर फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि बदमाशों ने करीब तीन से चार राउंड गोलियां चलाईं, जिससे चंद्रनाथ को संभलने तक का मौका नहीं मिला।
Shubhendru’s Pa murder: न्यूटाउन में भी बीजेपी कार्यकर्ता की जान गई
बंगाल में हिंसा का यह दौर केवल मध्यग्राम तक सीमित नहीं है। इससे पहले न्यूटाउन के बालिगुड़ी इलाके में भी एक बीजेपी कार्यकर्ता मधु मंडल की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि चुनावी नतीजों के बाद टीएमसी समर्थकों ने उन पर जानलेवा हमला किया, जिससे उनकी जान चली गई।
झंडा लगाने को लेकर हुआ था विवाद
Shubhendru’s Pa murder: मधु मंडल सोमवार को अपनी पार्टी का झंडा लगा रहे थे, तभी टीएमसी के कुछ कार्यकर्ताओं के साथ उनकी बहस हुई थी। हालांकि उस समय मामला शांत हो गया था, लेकिन अगले दिन उन्हें फोन करके बुलाया गया और उन पर पत्थरों से हमला कर दिया गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इन घटनाओं ने बंगाल की कानून व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
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