पंजाब में बेअदबी पर सख्त कानून, उम्रकैद तक सजा वाला बिल पास

बेअदबी के मामलों में अब गैर-जमानती अपराध और कड़ी सजा सरकार बोली धार्मिक सम्मान से समझौता नहीं विपक्ष पर निशाना, कानून को बताया ऐतिहासिक कदम

Punja news: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा ने ‘जागत जोत श्री गुरू ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ को सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। इस नए कानून के तहत श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामलों में उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है, जिससे इसे देश के सबसे सख्त कानूनों में शामिल माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह कदम धार्मिक भावनाओं की रक्षा और समाज में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

 

कानून की प्रमुख विशेषताएं

इस कानून को पिछली सरकारों की कमियों को दूर करने वाला बताया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नया संशोधन न केवल बेअदबी के मामलों को गैर-जमानती बनाता है, बल्कि जांच प्रक्रिया को तेज करने का भी प्रावधान करता है। इसमें दोषियों के लिए 5 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा और 20 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है, वहीं बेअदबी में सहयोग करने वालों को भी बराबर जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

Punja news: सरकार का दावा और सियासी हमला

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां पहले धार्मिक भावनाओं के नाम पर राजनीति की जाती रही, वहीं उनकी सरकार ने ठोस कानूनी कदम उठाए हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कानून के लागू होने के बाद भविष्य में कोई भी व्यक्ति ऐसे अपराध करने की हिम्मत नहीं करेगा और यह बेअदबी की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाएगा।

 

Punja news: बेअदबी को बताया साजिश

उन्होंने कहा कि पहले भी बेअदबी की घटनाएं राज्य में शांति और भाईचारे को बिगाड़ने की साजिश का हिस्सा रही हैं। मुख्यमंत्री ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए कहा कि अब ऐसे मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और यह कानून दूसरों के लिए कड़ी चेतावनी का काम करेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि पंजाब की सामाजिक एकता और भाईचारे को हर हाल में बनाए रखा जाएगा।

 

कानून की अहमियत

कानून की अहमियत पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी पंजाब में सुरक्षित नहीं हैं तो कहीं भी सुरक्षित नहीं हो सकते। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह कानून न केवल धार्मिक आस्था की रक्षा करेगा बल्कि समाज में शांति, समानता और भाईचारे के मूल्यों को भी मजबूत करेगा, जिनका संदेश गुरबाणी में निहित है।

 

आध्यात्मिक महत्व पर जोर

मुख्यमंत्री ने श्री गुरू ग्रंथ साहिब जी के आध्यात्मिक महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि यह केवल सिख धर्म ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए मार्गदर्शक ग्रंथ है। इसमें विभिन्न धर्मों और संतों की शिक्षाएं समाहित हैं, जो समानता, दया और सहनशीलता का संदेश देती हैं। उन्होंने ‘शब्द गुरु’ की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि हर सिख के जीवन में इस ग्रंथ का विशेष स्थान है।

 

विपक्ष पर आरोप

विपक्ष पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ नेताओं ने हमेशा राजनीतिक हितों के लिए धार्मिक मुद्दों का इस्तेमाल किया और बेअदबी के मामलों में दोषियों को सजा दिलाने में विफल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के दौरान कानूनों में खामियां छोड़ी गईं, जिन्हें अब दूर किया गया है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि नया संशोधन इन कमियों को खत्म कर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।

 

सजा और प्रावधान

बिल के प्रावधानों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि इसमें अपराधों को अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है और सजा की अवधि भी उसी के अनुसार तय की गई है। बेअदबी करने पर 7 से 20 साल तक की कैद, गंभीर मामलों में उम्र कैद और भारी जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा बेअदबी की कोशिश करने या उसमें सहयोग देने वालों के खिलाफ भी सख्त सजा तय की गई है, जिससे ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाने का प्रयास किया गया है।

 

सरकार की आगे की योजना

Punja news: अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों के लिए विशेष वाहनों को टैक्स में छूट देने और विभिन्न गुरुओं के प्रकाश पर्व एवं शहीदी दिवसों को भव्य तरीके से मनाने की बात कही। उन्होंने संत समाज से अपील की कि वे इन आयोजनों को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दें, ताकि समाज में भाईचारा और सद्भाव और मजबूत हो सके।

 

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