दिल्ली हाई कोर्ट में केजरीवाल का बड़ा हमला: जज की निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल

केजरीवाल ने कोर्ट में खुद रखी दलीलें, 10 बिंदुओं में उठाए सवाल CBI-ED केस में न्यायिक प्रक्रिया पर लगाए पक्षपात के आरोप अमित शाह के बयान से फैसले पर पहले ही संकेत का दावा

Delhi news:  दिल्ली हाई कोर्ट में आज जो हुआ, उसने न सिर्फ एक कानूनी बहस को जन्म दिया बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी दे दिया। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल खुद कोर्ट में बिना वकील के पेश हुए और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने तथ्यों, कानून और अपने तर्कों के आधार पर यह बताने की कोशिश की कि इस मामले में न्यायिक निष्पक्षता पर सवाल क्यों खड़े हो रहे हैं। उनकी दलीलों में सिस्टम पर सीधा सवाल और न्याय की मांग स्पष्ट नजर आई।

 

निष्पक्षता पर उठाए गंभीर सवाल

केजरीवाल ने कोर्ट के सामने 10 बड़े बिंदु रखते हुए कहा कि इस केस की सुनवाई कर रहीं जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा की निष्पक्षता संदिग्ध है। उन्होंने मांग की कि जज को इस मामले से अलग होना चाहिए ताकि न्याय की प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

 

Delhi news: बिना आरोपियों को सुने आदेश

उन्होंने बताया कि 9 मार्च की सुनवाई में कोई भी आरोपी मौजूद नहीं था और केवल CBI की दलीलें सुनी गईं। इसके बावजूद कोर्ट ने सेशन कोर्ट के आदेश को प्रथम दृष्टया गलत बता दिया। केजरीवाल ने सवाल उठाया कि बिना दूसरी पक्ष को सुने ऐसा निष्कर्ष कैसे निकाला जा सकता है।

Delhi news: ED और CBI मामलों में असामान्य हस्तक्षेप

केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने ED की कार्यवाही पर बिना किसी आधिकारिक मांग के रोक लगा दी। साथ ही सेशन कोर्ट द्वारा CBI के जांच अधिकारी पर कार्रवाई के आदेश को भी रोक दिया गया, जबकि संबंधित अधिकारी ने इसके खिलाफ कोई अपील तक नहीं की थी।

 

कम समय और पूर्वाग्रह के आरोप

उन्होंने कहा कि 600 पन्नों के दस्तावेज के जवाब के लिए केवल एक हफ्ते का समय देना असामान्य है, जबकि अन्य मामलों में महीनों का समय दिया जाता है। इसके अलावा, बेल सुनवाई के दौरान ही आरोपियों को दोषी बताने जैसे कड़े शब्दों का इस्तेमाल भी न्यायिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।

 

सुप्रीम कोर्ट और पक्षपात के आरोप

केजरीवाल ने कहा कि जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के कई फैसलों को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर आरोपियों को राहत दी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जज के आदेशों में CBI और ED के पक्ष में झुकाव दिखाई देता है, जिससे निष्पक्ष सुनवाई पर संदेह होता है।

 

परिवारिक और राजनीतिक कनेक्शन पर सवाल

Delhi news: केजरीवाल ने जज के परिवारिक संबंधों और कथित रूप से RSS से जुड़े कार्यक्रमों में भागीदारी का जिक्र करते हुए निष्पक्षता पर सवाल उठाए। साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उस बयान पर भी सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने पहले ही हाई कोर्ट के फैसले की दिशा का संकेत दिया था।

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