AI और हाईटेक कैमरों से अपराधियों पर शिकंजा, पंजाब पुलिस का ICCC बना देश में मिसाल
पंजाब पुलिस का ICCC अब लूट, फायरिंग और गैंगस्टर मामलों को सुलझाने में बड़ा हथियार बन चुका है। AI, फेशियल रिकग्निशन और 1,000+ कैमरों की मदद से पुलिस तेजी से अपराधियों तक पहुंच रही है।

Punjab news: मोहाली, 12 मई 2026: पंजाब पुलिस द्वारा शुरू किया गया अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) देशभर में आधुनिक पुलिसिंग के नए मानक स्थापित कर रहा है। अपराधियों की गतिविधियों पर नज़र रखने से लेकर उपद्रवियों को पकड़ने तक, पंजाब पुलिस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मानवीय सूझबूझ के मेल से ‘सुरक्षित पंजाब’ के लक्ष्य को और प्रभावी ढंग से हासिल कर रही है। हाल ही में डीजीपी गौरव यादव ने लुधियाना में ICCC का उद्घाटन किया, जिसके तहत 259 स्थानों पर करीब 1,700 हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं। इससे औद्योगिक शहर लुधियाना की निगरानी व्यवस्था को नई मजबूती मिली है।
जालंधर में ICCC ने सुलझाए कई बड़े केस
जालंधर में लगे 1,007 हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरों वाले सर्विलांस नेटवर्क ने कई चर्चित मामलों को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। भार्गव कैंप की ज्वेलरी दुकान में हुई 1 करोड़ रुपये के सोने और 2 लाख रुपये नकद की लूट में ICCC ने आरोपियों की गतिविधियों को ट्रैक करने में मदद की। पुलिस ने 12 अलग-अलग जंक्शन की फुटेज को सिंक्रोनाइज़ कर आरोपियों के भागने के रास्ते का पता लगाया और चोरी की संपत्ति बरामद की।
Punjab news: ग्रेनेड हमले से लेकर फायरिंग केस तक मिली बड़ी सफलता
पूर्व मंत्री और भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर हुए ग्रेनेड हमले की जांच में भी ICCC ने अहम भूमिका निभाई। जांचकर्ताओं ने संदिग्धों की गतिविधियों को रेलवे स्टेशन तक ट्रैक किया और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया। वहीं संतोखपुरा फायरिंग केस में हाई-रेज़ोल्यूशन कैमरों और निजी सीसीटीवी फुटेज के तालमेल से आरोपियों की पहचान कर दो हथियार बरामद किए गए।
Punjab news: AI आधारित सिस्टम से अपराधियों पर कड़ी निगरानी
आम आदमी पार्टी नेता सतविंदरपाल सिंह ‘लक्की’ ओबरॉय हत्याकांड और वेस्टर्न यूनियन लूट केस में भी हाईटेक पहचान प्रणाली का इस्तेमाल किया गया। नकाब पहनने के बावजूद कैमरों ने आरोपियों के आने-जाने के रास्तों को रिकॉर्ड किया। जालंधर में 982 फिक्स्ड कैमरे और 15 पैन-टिल्ट-ज़ूम कैमरे लगातार निगरानी कर रहे हैं। साथ ही 10 ट्रांजिट हब्स पर फेशियल रिकग्निशन सिस्टम भी लगाए गए हैं। ICCC ऑपरेटर ‘रेड शर्ट’, ‘व्हाइट SUV’ या वाहन की स्पीड जैसे संकेतों के आधार पर कुछ ही सेकंड में हजारों घंटे की फुटेज खंगाल सकते हैं।
डीजीपी बोले- गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस की संगठित अपराध और गैंगस्टरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति है। उन्होंने कहा कि ICCC के जरिए पुलिस अपराध की जड़ों तक पहुंचने में सक्षम हुई है और तकनीक के इस्तेमाल से जांच और अधिक प्रभावी बनी है। ऑटोमेटेड एल्गोरिद्म लगातार 1,000 से अधिक कैमरा फीड्स को स्कैन कर संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करते हैं, जिनमें लावारिस वस्तु, अवैध भीड़ और कैमरों से छेड़छाड़ जैसी गतिविधियां शामिल हैं।
‘सिंगल पेन ऑफ ग्लास’ सिस्टम से बढ़ा तालमेल
जालंधर के पुलिस कमिश्नर धनप्रीत रंधावा ने ICCC को शहर का ‘ब्रेन’ बताते हुए कहा कि यह रॉ डेटा को उपयोगी खुफिया जानकारी में बदल देता है। ‘सिंगल पेन ऑफ ग्लास’ डैशबोर्ड के जरिए ट्रैफिक, अपराध हॉटस्पॉट और नगर निगम सेंसर डेटा को एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ा गया है। इससे पुलिस, ट्रैफिक और नगर निगम विभागों के बीच समन्वय और तेज हुआ है।
लुधियाना में PCR रिस्पॉन्स टाइम हुआ आधा
Punjab news: लुधियाना में हाल ही में शुरू हुए ICCC के तहत ट्रैफिक, PCR, सेफ सिटी और वायरलेस जैसी इकाइयों को एक ही छत के नीचे लाया गया है। इससे पुलिस कार्रवाई में तालमेल बढ़ा है और PCR का रिस्पॉन्स टाइम 15 मिनट से घटकर करीब 7–8 मिनट रह गया है। शहर में 46 स्थानों पर इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) भी लगाया गया है, जो ट्रैफिक निगरानी और नियंत्रण को और आधुनिक बना रहा है।
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