पुणे में पटरी से उतरी ‘वंदे भारत’! पहली बार डिरेल हुई देश की सबसे VIP ट्रेन
पुणे स्टेशन के पास वंदे भारत ट्रेन का कोच पटरी से उतरा, बड़ा हादसा टला सभी यात्री सुरक्षित, रेलवे ने तुरंत रेस्क्यू और शिफ्टिंग शुरू की पहली बार डिरेल हुई वंदे भारत, ट्रैक सिस्टम पर उठे सवाल

Pune rail accident: रेलवे के इतिहास में 2019 के बाद से वंदे भारत को ‘सेफ्टी’ का दूसरा नाम माना जाता था, लेकिन पुणे स्टेशन के पास इस भरोसे को बड़ा झटका लगा है। मुंबई (CSMT) से सोलापुर जा रही नीली-सफेद रंग की ये शान, यानी गाड़ी संख्या 22225, हादसे का शिकार हो गई। गनीमत ये रही कि रफ्तार कम थी और किसी की जान पर आंच नहीं आई, वरना मंजर कुछ और ही होता।
शाम 7:30 बजे… और अचानक लगा झटका
ये सब तब हुआ जब ट्रेन शाम को पुणे स्टेशन के अंदर दाखिल हो रही थी। प्लेटफॉर्म बस करीब ही था कि अचानक डायमंड क्रॉसिंग पर ट्रेन के चौथे कोच की एक ट्रॉली पटरी से नीचे उतर गई। यात्रियों में हड़कंप मच गया, लेकिन रेलवे ने तुरंत मोर्चा संभाला।
सेंट्रल रेलवे के CPRO ने राहत की खबर दी है “सभी यात्री सुरक्षित हैं, किसी को खरोंच तक नहीं आई है।” यात्रियों को तुरंत दूसरी ट्रेन (रैक) में शिफ्ट कर दिया गया ताकि वे अपनी मंजिल तक पहुँच सकें।
Pune rail accident: क्या ट्रैक में थी खराबी या सिस्टम फेल हुआ?
हादसे के बाद अब सवालों की झड़ी लग गई है। दरअसल, पुणे स्टेशन यार्ड के पुनर्निर्माण का काम चल रहा है और इस डायमंड क्रॉसिंग को अपग्रेड किया जाना था। क्या काम में देरी इसकी वजह बनी? या फिर जिस ‘कवच’ तकनीक की हम तारीफ करते हैं, वो यहाँ बेअसर रही? वंदे भारत के साथ ऐसा हादसा पहली बार हुआ है, जिसने रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर की पोल खोल दी है।
Pune rail accident: रूट पर मचा ‘ट्रैफिक जाम’
इस एक पटरी से उतरी कोच ने पुणे रूट का पूरा टाइमटेबल बिगाड़ दिया। कई एक्सप्रेस ट्रेनें जहां की तहां खड़ी हो गईं। हालांकि, रेलवे की टेक्निकल टीम युद्धस्तर पर ट्रैक क्लियर करने में जुटी है ताकि गाड़ियों की आवाजाही फिर से शुरू हो सके।
News Nasha का टेक:
Pune rail accident: वंदे भारत सिर्फ एक ट्रेन नहीं, भारतीय रेलवे का गर्व है। अगर ‘डायमंड क्रॉसिंग’ जैसे क्रिटिकल पॉइंट्स पर ऐसी चूक होगी, तो मुसाफिरों का भरोसा डगमगाना लाजिमी है। शुक्र है कि ये हादसा स्टेशन के पास हुआ जहाँ रफ्तार धीमी थी, अगर यही ट्रेन 130 की स्पीड में होती, तो क्या होता? जांच सिर्फ कागजों पर नहीं, ट्रैक पर होनी चाहिए।
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