महाराष्ट्र में ‘मौत’ बनकर बरस रही है धूप! पुणे में महिला किसान ने तोड़ा दम, धुले में गर्मी से 200 मुर्गियों की मौत
महाराष्ट्र के कई जिलों में पारा 46 डिग्री को छू रहा है। ये सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि एक कड़वी हकीकत है जिसने राज्य में मातम फैलाना शुरू कर दिया है। कुदरत का मिजाज बदल रहा है, लेकिन क्या हम बदल रहे हैं? रुपाली गाडगे की मौत और उन बेजुबान मुर्गियों का मरना एक बड़ी चेतावनी है।

Maharashtra news: महाराष्ट्र के कई जिलों में पारा 46 डिग्री को छू रहा है। ये सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि एक कड़वी हकीकत है जिसने राज्य में मातम फैलाना शुरू कर दिया है। पुणे और धुले से आई दो खबरों ने दिल दहला दिया है, कहीं इंसान की जान गई, तो कहीं किसी गरीब की रोजी-रोटी धूप में जलकर खाक हो गई।
खेत में काम करते-करते अचानक गिर पड़ी रुपाली…
पुणे के जुन्नर तालुका (निमगांव सावा) से एक बेहद दुखद खबर है। रुपाली गाडगे नाम की एक महिला किसान रोज की तरह सुबह खेत में काम करने निकली थीं। उन्हें क्या पता था कि आज की धूप आखिरी होगी। खेत में निराई-गुड़ाई करते समय अचानक उन्हें हीट स्ट्रोक (लू) लगा और वो वहीं गिर पड़ीं। लोग उन्हें अस्पताल ले भागे, लेकिन अफसोस… सांसें रास्ते में ही थम गईं। एक हँसता-खेलता परिवार इस तपती धूप की वजह से उजड़ गया।
Maharashtra news: किसान की मेहनत पर ‘लू’ का प्रहार: 200 मुर्गियां खत्म
गर्मी का ये कहर सिर्फ इंसानों तक ही नहीं थमा। धुले जिले के वनी गांव में एक किसान के पोल्ट्री फार्म पर कुदरत का ऐसा कहर टूटा कि देखते ही देखते 200 मुर्गियां मर गईं। नुकसान: एक छोटे किसान के लिए ये सिर्फ मुर्गियां नहीं, बल्कि उसकी जमा-पूंजी और साल भर की कमाई थी। वजह: धुले में तापमान लगातार 44-45°C बना हुआ है, जिससे पक्षियों का दम घुट रहा है।
Maharashtra news: प्रशासन की चेतावनी: “दोपहर में बाहर निकलना मतलब खतरे को दावत”
हालात को देखते हुए प्रशासन ने हाथ जोड़कर अपील की है: 1. दोपहर 12 से 4 बजे तक भूलकर भी खेत या किसी खुले काम में न लगें।2. शरीर में पानी की कमी न होने दें, भले ही प्यास न लगी हो। 3. सिर को ढककर रखें और जितना हो सके छांव में रहें।
क्या ये जलवायु संकट की दस्तक है?
विशेषज्ञों का कहना है कि महाराष्ट्र में गर्मी ने इस साल सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। जनजीवन बुरी तरह अस्त-व्यस्त है। सड़कों पर सन्नाटा है, लेकिन जो मजदूर और किसान पेट की खातिर बाहर निकलने को मजबूर हैं, उनके लिए ये धूप किसी ‘यमदूत’ से कम नहीं है।
News Nasha का टेक:
Maharashtra news: कुदरत का मिजाज बदल रहा है, लेकिन क्या हम बदल रहे हैं? रुपाली गाडगे की मौत और उन बेजुबान मुर्गियों का मरना एक बड़ी चेतावनी है। सरकार को अब सिर्फ अलर्ट नहीं, बल्कि पीड़ित किसानों के लिए आर्थिक मदद का भी एलान करना चाहिए। सुरक्षित रहिए, क्योंकि जान है तो जहान है।
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