Pawan Hans: अंडमान में पवन हंस हेलीकॉप्टर की समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग, सभी यात्री सुरक्षित
अंडमान में पवन हंस हेलीकॉप्टर की समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग, 5 लोग सुरक्षित दिल्ली-लेह स्पाइसजेट फ्लाइट में तकनीकी खराबी, वापस लौटना पड़ा दोनों घटनाओं में बड़ा हादसा टला, सभी यात्री सुरक्षित

Pawan Hans: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी Port Blair से मायाबंदर जा रहे Pawan Hans के हेलीकॉप्टर की बीच समंदर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर में सवार 2 क्रू मेंबर और 3 यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं। फिलहाल हेलीकॉप्टर को समुद्र से बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, तकनीकी कारणों की वजह से यह एहतियाती लैंडिंग कराई गई।
क्या है पवन हंस?
पवन हंस भारत की सबसे बड़ी सरकारी हेलीकॉप्टर सेवा कंपनी है। इसकी स्थापना 1985 में हुई थी और इसका मुख्यालय नोएडा में स्थित है। इसे आप उन इलाकों की ‘हवाई बस सेवा’ कह सकते हैं, जहां ट्रेन या बड़े विमान नहीं पहुंच पाते। कंपनी के पास 40 से ज्यादा हेलीकॉप्टर हैं और यह देश के दूरदराज और दुर्गम इलाकों को जोड़ने का काम करती है।
किन-किन सेवाओं में अहम भूमिका?
समुद्र में बने तेल कुओं, जैसे Oil and Natural Gas Corporation (ONGC) के प्लेटफॉर्म पर कर्मचारियों को पहुंचाना, अंडमान-निकोबार और उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे दूरस्थ इलाकों में यात्री सेवा। कठिन धार्मिक यात्राओं जैसे Kedarnath Temple और Vaishno Devi के लिए हेलीकॉप्टर सुविधा, अंडमान जैसे द्वीप क्षेत्रों में पवन हंस को ‘जीवनरेखा’ माना जाता है, क्योंकि यह द्वीपों के बीच सफर को आसान और तेज बनाता है।
स्पाइसजेट फ्लाइट की भी इमरजेंसी लैंडिंग
इसी बीच SpiceJet की दिल्ली से लेह जा रही फ्लाइट में उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी आ गई। इंजन नंबर 2 में दिक्कत आने के कारण विमान को लेह जाने के बजाय वापस दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी।इस विमान में करीब 150 यात्री सवार थे। राहत की बात है कि सभी यात्री सुरक्षित हैं। दो अलग-अलग घटनाओं ने हवाई सेवाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं, लेकिन दोनों मामलों में बड़ा हादसा टल गया।



