Mexico में फूटा Gen-Z गुस्सा, सड़कें भर गईं, सरकार घिर गई
बढ़ते अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ मेक्सिको में जेन-जेड का उभार मेयर की हत्या के बाद भड़का युवा आक्रोश, सड़कों पर उतरे हजारों लोग सरकार की सुरक्षा नीतियों पर सवाल, पुलिस से झड़पों में 120 घायल

मेक्सिको सिटी: नेपाल के बाद अब अमेरिका के पड़ोसी देश मेक्सिको में भी जेन-जेड आंदोलन जोर पकड़ चुका है। बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार और लगातार फैलती हिंसा के खिलाफ शनिवार को हजारों युवा सड़कों पर उतर आए। अचानक हुए इस उभार से सरकार के हाथ-पाँव फूल गए हैं। प्रदर्शन का केंद्र राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम की सुरक्षा नीतियों और ड्रग कार्टेल्स पर नरमी को लेकर आक्रोश है, खासकर मिशोआकान के मेयर कार्लोस मंज़ो की हत्या के बाद आंदोलन और भड़क गया।
विपक्ष भी खुलकर साथ आया
जेन-जेड के इस मूवमेंट को विपक्षी दलों के नेताओं और हजारों समर्थकों ने भी खुला समर्थन दे दिया, जिससे प्रदर्शन एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है। मार्च ज्यादातर शांतिपूर्ण रहा, लेकिन अंत में कुछ युवाओं और पुलिस के बीच झड़पें हो गईं। प्रदर्शनकारियों ने पत्थर, पटाखे, लाठियां और जंजीरें फेंकीं, जबकि पुलिस ने जवाब में आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया।
120 लोग घायल, 20 गिरफ्तार
राजधानी के सुरक्षा सचिव पाब्लो वाज़क्वेज़ ने बताया कि हिंसा में कुल 120 लोग घायल हुए, जिनमें 100 पुलिसकर्मी हैं। पुलिस ने 20 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप्स में पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को खींचने-घसीटने और बल प्रयोग के वीडियो सामने आए हैं, जिसके बाद मनमाने ढंग से गिरफ्तारियों के आरोप लगने लगे हैं।
आखिर क्या है जेन-जेड आंदोलन?
‘जेन-जेड’ यानी 1990 के आखिर से 2010 की शुरुआत के बीच जन्मे युवा—इस साल दुनिया भर में कई देशों में सामाजिक असमानता, लोकतंत्र में गिरावट और बढ़ते भ्रष्टाचार के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं। नेपाल में सोशल मीडिया बैन के बाद हुए बड़े जेन-जेड विरोध ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देने पर मजबूर कर दिया था। मेक्सिको में ये युवा लगातार बढ़ती कार्टेल हिंसा, राजनीतिक भ्रष्टाचार और अपराधियों को मिलती छूट से नाराज हैं। वे सरकार को खुलकर ‘नार्को-स्टेट’ कह रहे हैं।
सोशल मीडिया बना इंजन
प्रदर्शन में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि कई वरिष्ठ नागरिक और राजनीतिक हस्तियां भी शामिल हुए। पूर्व राष्ट्रपति विसेंट फॉक्स और अरबपति रिकार्डो सेलिनास प्लीगो ने सोशल मीडिया पर आंदोलन को समर्थन दिया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय महल के बाहर लगी बैरिकेडिंग भी तोड़ दी और राष्ट्रपति शेनबाउम के इस्तीफे की मांग की। भीड़ में कई लोग एनिमे वन-पीस के ‘पाइरेट फ्लैग’ लहराते दिखे, जो अब जेन-जेड विरोध का एक वैश्विक प्रतीक बन चुका है।
29 वर्षीय प्रदर्शनकारी एंड्रेस मासा ने कहा—
“हमें ज्यादा सुरक्षा चाहिए… देश बिखर रहा है।” मेक्सिको सिटी से शुरू हुआ यह आंदोलन अब कई शहरों में फैल चुका है, जहां युवा सरकार पर कार्टेल हिंसा रोकने में नाकाम रहने का आरोप लगा रहे हैं।



