कोलकाता में तांडव: 16 बीघा में फैली झुग्गियां जलकर खाक, सियालदह-बज बज रेल रूट पर थमे पहिए!

कोलकाता में भीषण अग्निकांड: संतोषपुर के पास 16 बीघा में फैली झुग्गी बस्ती जलकर राख! ट्रेन सेवा ठप, आसमान में छाया काला धुआं; दमकल की 4 गाड़ियों ने घंटों की कड़ी मशक्कत। बड़ा हादसा टला! तंग गलियों में दमकलकर्मियों ने जान पर खेलकर बुझाई आग, कोई हताहत नहीं।

Kolkata fire: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना से रूह कंपा देने वाली खबर सामने आ रही है। शनिवार दोपहर संतोषपुर रेलवे स्टेशन के पास महेशतला इलाके में भीषण आग ने कोहराम मचा दिया। देखते ही देखते करीब 16 बीघा में फैली झुग्गी बस्ती आग की लपटों में समा गई। आसमान में धुएं का ऐसा काला गुबार उठा कि दिन में ही अंधेरा छा गया।

रेलवे ट्रैक तक पहुंची आंच, बिजली काटी गई

आग रेलवे ट्रैक के इतने करीब थी कि रेलवे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। यात्रियों की जान जोखिम में न डालते हुए फौरन सियालदह-बज बज रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी गई। एक्शन: रेलवे ने तुरंत ‘ओवरहेड इलेक्ट्रिकल ट्रैक्शन’ (ऊपर से जाने वाली बिजली की सप्लाई) काट दी। असर: ट्रेन सेवाएं ठप होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी था।

Kolkata fire: दमकलकर्मियों की अग्निपरीक्षा: तंग गलियां बनीं चुनौती

दोपहर करीब 1:55 बजे जब आग की सूचना मिली, तो दमकल की 4 गाड़ियां मौके पर रवाना हुईं। लेकिन आग बुझाना इतना आसान नहीं था: चुनौती: झुग्गियां बहुत घनी थीं और रास्ते तंग, जिसकी वजह से दमकल की गाड़ियों को अंदर पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दहशत: लोग अपने घरों से सामान लेकर भागते दिखे, विजिबिलिटी शून्य हो गई थी। हर तरफ चीख-पुकार मची थी।

Kolkata fire: राहत की बात: टल गया बड़ा जानी नुकसान

दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिशें जारी रहीं।
“सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि इस भयावह अग्निकांड में फिलहाल किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है। हमारी टीमें आग को रिहायशी इलाकों में फैलने से रोकने में कामयाब रहीं।”: दमकल अधिकारी

न्यूज़ नशा का सवाल

आखिर इन झुग्गियों में बार-बार आग लगने का सिलसिला कब थमेगा? क्या प्रशासन के पास इन घनी बस्तियों के लिए कोई ठोस ‘फायर सेफ्टी प्लान’ है या फिर हर बार सब कुछ खाक होने का इंतज़ार किया जाएगा?

 

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