यूपी पुलिस ने जन्माष्टमी पर कोतवाली में ही नचा दी बार बालाएं, “मुझे नौलखा मंगा दे” पर जमकर लगे ठुमके

जौनपुर: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे पवित्र त्योहार पर जौनपुर जिले के बदलापुर कोतवाली परिसर से एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। धार्मिक आयोजन के नाम पर आयोजित कार्यक्रम में बार डांसरों ने अश्लील गानों पर डांस किया। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और संवेदनशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वायरल वीडियो से मचा बवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में “मुझे नौलखा मंगा दे ओ सैंया दीवाने” जैसे गानों पर डांसर थिरकती नजर आ रही हैं। यह कार्यक्रम कोतवाली परिसर में ही हुआ, जहां स्थानीय लोग भी मौजूद थे। कई लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया, जिसके बाद प्रदेशभर में यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी अक्सर कहते हैं सपा सरकार में थानों में जन्माष्टमी नहीं मनाई जाती थी (हालांकि वे ये बात सरासर झूठ बोलते हैं क्योंकि सपा सरकार में थानों में जन्माष्टमी बहुत धूमधाम और आस्था विश्वास परम्परा के साथ मनाई जाती थी।
अब भाजपा शासित योगी आदित्यनाथ जी की सरकार… pic.twitter.com/91VpgwHy5r
— Samajwadi Party Media Cell (@mediacellsp) August 18, 2025
डीजीपी के आदेश के बाद भी हुआ अश्लील डांस
उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने पहले ही छह अगस्त को आदेश जारी कर दिए थे कि जन्माष्टमी जैसे धार्मिक अवसर पर किसी भी तरह का अशोभनीय नृत्य या कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया था कि पुलिस कर्मियों से चंदा नहीं लिया जाएगा और वेतन से कटौती नहीं होगी। बावजूद इसके बदलापुर थाने में नियमों को ताक पर रखकर कार्यक्रम आयोजित किया गया।
थाना प्रभारी का बचाव
बदलापुर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार पांडेय का कहना है कि जन्माष्टमी के दौरान वह पूजा-पाठ में व्यस्त थे। उनके मुताबिक, इसी बीच किसी ने गाना बजा दिया और डांसरों ने प्रदर्शन शुरू कर दिया। लेकिन इस सफाई को लेकर स्थानीय लोग और सोशल मीडिया यूजर्स पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।
एसपी ने की त्वरित कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक जौनपुर अजय कुमार सिंह ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बदलापुर कोतवाली प्रभारी अरविंद कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया। साथ ही अपर पुलिस अधीक्षक नगर को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है। जांच में अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी समीक्षा की जाएगी।
पुलिस विभाग की छवि पर सवाल
इस घटना से न केवल पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है बल्कि जन्माष्टमी जैसे धार्मिक अवसर पर अशोभनीय कार्यक्रम होने से आमजन में आक्रोश है। उच्च अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।



