‘सिर्फ मिडिल क्लास ही क्यों दे कुर्बानी?’ केजरीवाल ने पीएम मोदी से पूछे बड़े सवाल
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार की नई अपीलों का सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास पर पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्री, अफसर और बड़े उद्योगपतियों से खर्च कम करने की अपील क्यों नहीं की गई।

Arvind kejriwal: आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश की आर्थिक स्थिति का सच जनता के सामने रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा विदेश यात्रा कम करने, विदेशी उत्पाद न खरीदने, सोना खरीदने से बचने, पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों का कम इस्तेमाल करने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने जैसी सात कठोर अपीलें यह संकेत देती हैं कि देश की अर्थव्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। केजरीवाल ने कहा कि इन फैसलों का सबसे ज्यादा असर मिडिल क्लास पर पड़ रहा है, जबकि सरकार, मंत्री, उद्योगपति और अफसरों से किसी तरह की कटौती की अपील नहीं की गई।
‘देश को सच बताएं प्रधानमंत्री’
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि देश के 140 करोड़ लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर आर्थिक स्थिति कितनी खराब है और सरकार को इतने कठोर कदम उठाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि केवल आदेश जारी कर देना काफी नहीं है, बल्कि सरकार को जनता के साथ पूरी जानकारी साझा करनी चाहिए ताकि अफवाहों और आशंकाओं पर रोक लग सके।
Arvind kejriwal: ‘ईरान-अमेरिका युद्ध से ज्यादा बड़ा संकट?’
केजरीवाल ने कहा कि पूरी दुनिया ईरान और अमेरिका के तनाव से प्रभावित है, लेकिन किसी भी देश की सरकार ने अपने नागरिकों से इस तरह की सात बड़ी अपीलें नहीं की हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भारत की आर्थिक स्थिति दुनिया के अन्य देशों से ज्यादा खराब हो चुकी है, जिसकी वजह से ऐसे कदम उठाने पड़ रहे हैं।
Arvind kejriwal: ‘मिडिल क्लास ही क्यों बने निशाना?’
AAP संयोजक ने कहा कि विदेश यात्रा बंद करने, सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल बचाने जैसी अपीलों का असर सीधे मिडिल क्लास पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मिडिल क्लास देशभक्त है और देश के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार है, लेकिन सिर्फ उसी पर बोझ डालना गलत है।
‘सरकार और उद्योगपतियों को भी करनी चाहिए कटौती’
Arvind kejriwal: केजरीवाल ने कहा कि सबसे पहले सरकार को अपने खर्चों में कटौती करनी चाहिए थी। इसके बाद मंत्रियों, अफसरों और बड़े उद्योगपतियों को भी खर्च कम करने की अपील करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अगर देश संकट में है तो कुर्बानी केवल आम जनता नहीं, बल्कि सत्ता और उद्योग जगत को भी देनी चाहिए।
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