रूस के अंदर 1500 किमी दूर तक पहुंचा यूक्रेन का ड्रोन: पर्म के तेल संयंत्र में लगी भीषण आग

ड्रोन हमले से रूस के तेल प्लांट में लगी भीषण आग 1500 KM दूर तक यूक्रेन की स्ट्राइक क्षमता का दावा ड्रोन टेक्नोलॉजी बनी युद्ध का नया और खतरनाक हथियार

Russia Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चल रही जंग ने अब एक नया और खतरनाक मोड़ ले लिया है। बुधवार को रूस के पर्म क्षेत्र में स्थित एक बड़े तेल संयंत्र (ऑयल प्लांट) में जोरदार धमाके के बाद भीषण आग लग गई। आसमान में धुएं का काला गुबार मीलों दूर से देखा जा सकता था। इस हमले के फौरन बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया कि यह तबाही उनके लंबी दूरी के ड्रोन अटैक का नतीजा है। यह हमला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यूक्रेन ने रूसी सीमा से बहुत अंदर घुसकर वार किया है।

यूक्रेन की पहुंच अब रूस के दिल तक

रूसी मीडिया और सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए सबसे चौंकाने वाली बात इस हमले की दूरी है। पर्म का यह इलाका यूराल पहाड़ों के पास स्थित है, जो यूक्रेन की सीमा से लगभग 1500 किलोमीटर दूर है। इतनी लंबी दूरी तय करके सटीक निशाना लगाना यह साबित करता है कि यूक्रेन ने अब ऐसी तकनीक हासिल कर ली है जिससे वह रूस के किसी भी कोने को दहला सकता है। हालांकि रूस की तरफ से अभी इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है कि हमला कितना बड़ा था, लेकिन पर्म के गवर्नर दिमित्री माखोनिन ने माना है कि एक ड्रोन ने इंडस्ट्रियल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाया है।

Russia Ukraine War: जेलेंस्की ने दिखाया धुएं का गुबार

हमले के बाद राष्ट्रपति जेलेंस्की ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में आग की लपटें और धुआं साफ नजर आ रहा था। हालांकि उन्होंने जगह का नाम तो सीधे नहीं लिया, लेकिन उनकी बातों से साफ था कि यूक्रेन की रणनीति अब रूस की कमर तोड़ने की है। जेलेंस्की ने साफ लफ्जों में कहा कि यूक्रेन अपनी मारक क्षमता की सीमा लगातार बढ़ा रहा है। उनका मकसद रूस के उन तेल संसाधनों को तबाह करना है, जिनके दम पर वह इस युद्ध को फंडिंग कर रहा है।

Russia Ukraine War: ड्रोन की जंग में किसका पलड़ा भारी?

यह पूरा युद्ध अब ‘ड्रोन वॉर’ में बदल चुका है। दोनों ही देश एक-दूसरे पर हर रात सैकड़ों ड्रोन दाग रहे हैं। रूस के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि उन्होंने रात भर में यूक्रेन के 98 ड्रोन मार गिराए। वहीं, दूसरी तरफ यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस ने उन पर 171 ड्रोन से हमला किया था, जिनमें से 154 को उन्होंने हवा में ही ढेर कर दिया। आंकड़ों की इस बाजीगरी के बीच जमीन पर तबाही का मंजर लगातार बढ़ता जा रहा है।

रिफाइनरियों पर हमले से बढ़ी रूस की चिंता

Russia Ukraine War: यह पहली बार नहीं है जब रूस के तेल ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इससे पहले ब्लैक सी के पास स्थित तुआपसे तेल रिफाइनरी पर भी कई बार हमले हो चुके हैं। यूक्रेन अब फ्रंटलाइन पर लड़ने के बजाय रूस के आर्थिक ठिकानों पर सीधा प्रहार कर रहा है। पर्म जैसे दूरदराज के इलाके में हुए इस हमले ने रूसी सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। साफ है कि आने वाले दिनों में यह तनाव और भी ज्यादा भड़क सकता है।

 

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