बंगाल चुनाव के बीच IPS अजय पाल शर्मा पर गंभीर आरोप, टीएमसी प्रत्याशी के बयान से मचा हड़कंप

पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना से इस वक्त एक ऐसी खबर आ रही है जिसने चुनावी सरगर्मी के बीच तनाव और बढ़ा दिया है। चुनाव के मुहाने पर खड़े बंगाल में इस तरह के आरोपों और बयानबाजी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।


West bengal elections: पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना से इस वक्त एक ऐसी खबर आ रही है जिसने चुनावी सरगर्मी के बीच तनाव और बढ़ा दिया है। राज्य में विधानसभा चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से कराने के लिए भारी संख्या में केंद्रीय बलों को उतारा गया है। इसी कड़ी में यूपी के तेजतर्रार आईपीएस अजय पाल शर्मा की ड्यूटी भी यहां लगाई गई है। लेकिन अब उनकी मौजूदगी को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

महिला ने लगाए सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप

दक्षिण 24 परगना के फाल्टा इलाके में आईपीएस अजय पाल शर्मा और सुरक्षा बलों के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई गई है। एक महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सुरक्षा बल के जवान और अधिकारी जबरन उनके घर में घुस आए और वहां मौजूद महिलाओं के साथ बदतमीजी की गई। इस घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है और देखते ही देखते यह पूरा मामला सियासी मोड़ लेने लगा है।

West bengal elections: टीएमसी प्रत्याशी के बिगड़े बोल

इस विवाद में अब टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान भी कूद पड़े हैं। उन्होंने अजय पाल शर्मा पर सीधा हमला बोलते हुए बड़े ही आक्रामक लहजे में कहा कि इस खेल की शुरुआत उन्होंने की है, मगर इसका अंत हम करेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने केंद्रीय बलों को लेकर भी एक विवादित बयान दे दिया। जहांगीर खान ने कहा कि अगर यहां के लोग एक हो गए, तो सीआरपीएफ को भी पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ेगा। उनके इस बयान ने आग में घी डालने का काम किया है।

West bengal elections: कौन हैं आईपीएस अजय पाल शर्मा

जो लोग अजय पाल शर्मा को नहीं जानते, उन्हें बता दें कि वह 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और उनकी गिनती उत्तर प्रदेश के सबसे सख्त पुलिस अफसरों में होती है। अपराधियों के बीच उनका खौफ इस कदर है कि उन्हें एनकाउंटर स्पेशलिस्ट और यूपी का सिंघम भी कहा जाता है। वह अपराध के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति के लिए चर्चा में रहते हैं।

जांच और कार्रवाई पर टिकी सबकी नजरें

West bengal elections: चुनाव के मुहाने पर खड़े बंगाल में इस तरह के आरोपों और बयानबाजी ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। अब देखना यह होगा कि इस शिकायत पर क्या कार्रवाई होती है और आने वाले दिनों में यह विवाद क्या नया मोड़ लेता है। फिलहाल तो इस मुद्दे ने पूरी राजनीति को गरमा कर रख दिया है।

 

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