कैरिबियन में अमेरिका की नई चाल! आसमान से चीन की तेल सप्लाई पर नजर

अमेरिका ने बढ़ाई समुद्री निगरानी चीन की तेल सप्लाई पर नजर क्यूबा बना नई रणनीति का केंद्र

Usa: कैरिबियन सागर के ऊपर हाल ही में एक बेहद उन्नत अमेरिकी ड्रोन उड़ता देखा गया, जिसने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह कोई सामान्य ड्रोन नहीं बल्कि MQ-4C ट्राइटन है, जो आकार में बोइंग 737 जितना बड़ा है। यह 55,000 फीट से ज्यादा ऊंचाई पर उड़ सकता है और 24 घंटे से अधिक समय तक लगातार निगरानी कर सकता है। खास बात ये है कि इसके पास हथियार नहीं होते, लेकिन इसकी ताकत इसकी निगरानी क्षमता में ही छिपी है।

कहां-कहां कर रहा निगरानी

ओपन-सोर्स डेटा के मुताबिक यह ड्रोन क्यूबा के आसपास, खासकर हवाना के पास मंडराता हुआ देखा गया। इससे पहले यह क्यूबा और जमैका के बीच के अहम समुद्री रास्ते ‘जमैका चैनल’ की निगरानी कर रहा था। यह इलाका पनामा नहर से जुड़ा होने के कारण इंटरनेशनल शिपिंग के लिए बेहद अहम माना जाता है।

Usa: चीन को सीधा संदेश

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ निगरानी नहीं बल्कि एक रणनीतिक संदेश भी है। अमेरिका दुनिया को खासकर चीन को दिखाना चाहता है कि वह उसके समुद्री तेल मार्गों पर कड़ी नजर रखे हुए है। ड्रोन की फ्लाइट डिटेल्स का सार्वजनिक होना भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

Usa: तेल सप्लाई पर दबाव की रणनीति

दरअसल, पिछले कुछ समय से अमेरिका लगातार ऐसे कदम उठा रहा है जिससे चीन की तेल सप्लाई प्रभावित हो। पहले वेनेजुएला के तेल भंडारों पर नियंत्रण, फिर ईरान के होर्मुज जलमार्ग में हस्तक्षेप और अब मलक्का स्ट्रेट पर नजर, ये सभी कदम चीन की ऊर्जा सप्लाई चेन पर दबाव बनाने की कोशिश माने जा रहे हैं।

क्यूबा बना नया केंद्र

अब क्यूबा इस रणनीति का अगला अहम केंद्र बनता दिख रहा है। कैरिबियन क्षेत्र पर पकड़ मजबूत करके अमेरिका न सिर्फ चीन के ‘गुप्त तेल टैंकरों’ को ट्रैक कर सकता है, बल्कि अपने दक्षिणी तट की सुरक्षा भी बढ़ा सकता है। इससे चीन की खुफिया गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है।

आगे क्या होगा?

Usa: कुल मिलाकर, यह ड्रोन मिशन सिर्फ एक निगरानी ऑपरेशन नहीं बल्कि वैश्विक राजनीति के बड़े खेल का हिस्सा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि चीन इस दबाव का जवाब कैसे देता है और क्या यह तनाव आगे और बढ़ता है।

 

यह भी पढ़ें: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल फेल: बहुमत मिला, लेकिन 2/3 का आंकड़ा नहीं पार

Related Articles

Back to top button