लोकसभा में महिला आरक्षण बिल फेल: बहुमत मिला, लेकिन 2/3 का आंकड़ा नहीं पार
महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास नहीं बहुमत मिला, लेकिन 2/3 आंकड़ा नहीं पूरा विपक्ष के विरोध से सरकार को झटका

Politics: लोकसभा में शुक्रवार को महिला आरक्षण से जुड़े अहम संविधान संशोधन बिल पर वोटिंग हुई, लेकिन सरकार को बड़ा झटका लगा। लंबी बहस और अपीलों के बावजूद यह बिल पास नहीं हो सका, क्योंकि जरूरी दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल पाया।
कितने पड़े पक्ष-विपक्ष में वोट
‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ पर हुई वोटिंग में 298 सांसदों ने समर्थन किया, जबकि 230 ने इसके खिलाफ वोट दिया। हालांकि संख्या के हिसाब से समर्थन ज्यादा रहा, लेकिन संविधान संशोधन बिल पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है, जो इस बार पूरा नहीं हो सका।
Politics: सरकार को क्यों लगा झटका
सरकार की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष से बिल का समर्थन करने की अपील की थी। इसके बावजूद विपक्ष एकजुट होकर बिल के खिलाफ खड़ा रहा, जिससे सरकार को पर्याप्त वोट नहीं मिल पाए।
Politics: अन्य बिल भी अटके
इस बिल के साथ सरकार ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी आगे बढ़ाना चाहती थी। लेकिन मुख्य संविधान संशोधन बिल के गिरने के बाद इन दोनों विधेयकों को भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ कहा कि अब ये दोनों बिल फिलहाल आगे नहीं लाए जाएंगे।
विपक्ष vs सरकार, जमकर हुई बहस
Politics: सदन में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष लगातार इन बिलों का विरोध कर रहा था। वहीं अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि असल में विरोध महिला आरक्षण का ही हो रहा है। लेकिन अंत में आंकड़े सरकार के पक्ष में नहीं गए और बिल पास नहीं हो पाया।
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