झालावाड़ में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा, जीरो बैलेंस अकाउंट खरीदकर करोड़ों का खेल
साइबर ठगों का नया हथकंडा आया सामने जीरो बैलेंस अकाउंट से करोड़ों की ठगी पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश

Rajashthan news: राजस्थान के झालावाड़ से साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां ठगों ने लोगों के बैंक खातों को ही अपना हथियार बना लिया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि जीरो बैलेंस वाले बैंक अकाउंट तक लाखों रुपये देकर खरीदे जा रहे थे। इसके लिए लोगों को सिर्फ अपना एटीएम कार्ड और पिन देना होता था, जबकि कई लोग तो नए अकाउंट खुलवाकर सीधे ठगों को बेच देते थे।
कैसे चलता था ठगी का नेटवर्क
भवानीमंडी इलाके में सक्रिय यह गिरोह बड़े ही संगठित तरीके से काम कर रहा था। साइबर ठग इन खातों का इस्तेमाल “म्यूल अकाउंट” के रूप में करते थे, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद अलग-अलग शहरों से एटीएम के जरिए पैसे निकाल लिए जाते थे, जिससे पुलिस की नजर से बचा जा सके।
Rajashthan news: लालच में फंसते थे लोग
जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के मुताबिक आरोपी आम लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे या पुराने खाते खरीद लेते थे। यही खाते आगे साइबर ठगी में इस्तेमाल होते थे। जांच में सामने आया है कि इन खातों का लिंक देश के कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से जुड़ा हुआ है।
Rajashthan news: भारी मात्रा में सामान बरामद
पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों ललित राणा, अजय विश्वकर्मा और राजेश कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 53 एटीएम कार्ड, 35 चेक बुक, 6 पासबुक, 9 सिम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया गया है। इसके अलावा 1.54 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं, जो इस पूरे नेटवर्क के बड़े स्तर पर सक्रिय होने की पुष्टि करता है।
पुलिस की बड़ी कार्रवाई
Rajashthan news: पुलिस इसे साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं और आगे की जांच में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
यह भी पढ़ें: कानपुर में दहेज के लिए बहू पर हैवानियत, ससुर ने सड़क तक घसीटकर पीटा



