कोलकाता: पाकिस्तान लिंक मामले में मुर्शिदाबाद से दो गिरफ्तार, सिम कार्ड ओटीपी भेजने का आरोप
मुर्शिदाबाद से दो युवक गिरफ्तार, पाकिस्तान लिंक की जांच तेज भारतीय सिम कार्ड के ओटीपी विदेश भेजने का आरोप STF की साइबर टीम खंगाल रही है पूरा नेटवर्क

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मुर्शिदाबाद जिले से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि ये भारतीय सिम कार्ड के ओटीपी पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क तक पहुंचा रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उनके पास से कई मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं।
10 फरवरी को पहली गिरफ्तारी
STF के मुताबिक, 10 फरवरी 2026 को पुख्ता सूचना मिलने के बाद मुर्शिदाबाद के गुढ़िया गांव से जुहाब शेख को गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल फोन की जांच में पता चला कि वह अपने साथी सुमन शेख के साथ मिलकर व्हाट्सऐप के जरिए ओटीपी साझा करता था। पुलिस का कहना है कि इसके बदले उन्हें पैसे मिलते थे और इन ओटीपी का इस्तेमाल बाद में संदिग्ध और अवैध गतिविधियों में किया जाता था। इस मामले में STF मुख्यालय थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS), इंडियन टेलीग्राफ एक्ट 1885 और इमिग्रेशन व फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत केस दर्ज किया गया है। जुहाब शेख को पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में लिया गया।
22 फरवरी को सहयोगी की गिरफ्तारी
इसी कड़ी में 22 फरवरी 2026 को सुमन शेख को भी मुर्शिदाबाद के गुढ़िया दर्गाटाला इलाके से गिरफ्तार किया गया। उसे बिधाननगर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से आगे की जांच के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, सुमन शेख बहारामपुर का रहने वाला है और एक लेथ फैक्ट्री में काम करता है। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों युवक सिम कार्ड बेचने का काम करते थे और कथित तौर पर भारतीय सिम कार्ड के ओटीपी पाकिस्तान में सक्रिय व्हाट्सऐप यूज़र्स तक भेजते थे।
पाकिस्तान लिंक की जांच तेज
जांच एजेंसियों को शक है कि इन ओटीपी के जरिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियां भारत में अलग-अलग मोबाइल नंबरों से जुड़े व्हाट्सऐप अकाउंट्स को नियंत्रित कर रही थीं। आशंका है कि इन अकाउंट्स का इस्तेमाल भारत के महत्वपूर्ण व्यक्तियों और संस्थाओं से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा था। STF की साइबर टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं किसी संवेदनशील दस्तावेज़ या जानकारी की लीक तो नहीं हुई और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है।
परिवार ने लगाए आरोप झूठे होने का दावा
सुमन शेख की मां मेनका बीबी का कहना है कि उनका बेटा स्टील फर्नीचर बनाने का काम करता है और किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल नहीं है। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां इस नेटवर्क की पूरी कड़ी खंगालने में जुटी हैं।



