लखनऊ विश्वविद्यालय में लाल बारादरी सील, छात्रों ने खुले में पढ़ी नमाज; कैंपस में बढ़ा विवाद
लखनऊ विश्वविद्यालय में लाल बारादरी सील होने से बढ़ा विवाद। रमजान के बीच छात्रों ने खुले में पढ़ी नमाज, प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप। मरम्मत फंड और सुरक्षा के मुद्दे पर कैंपस में गरमाई सियासत।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित लखनऊ विश्वविद्यालय एक नए विवाद की वजह से सुर्खियों में है। विश्वविद्यालय परिसर की ‘लाल बारादरी’ को सील किए जाने के बाद छात्रों ने खुले मैदान में नमाज अदा की और इफ्तार किया। इस फैसले के खिलाफ छात्रों ने प्रदर्शन भी किया।
क्या है पूरा मामला?
छात्रों का कहना है कि रमजान के दौरान वे पहले कैंपस स्थित लाल बारादरी में नमाज पढ़ते रहे हैं। लेकिन इस बार प्रशासन ने अचानक बारादरी को सील कर दिया और अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद छात्रों को खुले में नमाज पढ़नी पड़ी। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि लाल बारादरी की मरम्मत के लिए विश्वविद्यालय को फंड मिल चुका है, फिर भी जानबूझकर काम नहीं कराया जा रहा। उनका कहना है कि रमजान जैसे पवित्र महीने में यह कदम संवेदनशीलता के साथ उठाया जाना चाहिए था।
प्रशासन का पक्ष
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि लाल बारादरी की इमारत की स्थिति ठीक नहीं है और सुरक्षा कारणों से उसे सील किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, छात्रों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
रमजान क्यों है खास?
रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। मान्यता है कि इसी महीने में पैगंबर मोहम्मद को कुरान की आयतें प्राप्त हुई थीं। रोजा रखने वाले मुसलमान सूर्योदय से पहले सहरी करते हैं और सूरज ढलने के बाद इफ्तार के साथ रोजा खोलते हैं। यह महीना इबादत, सब्र और आत्मसंयम का प्रतीक है।
आगे क्या?
छात्रों द्वारा लगाए गए आरोपों को देखते हुए मामला तूल पकड़ सकता है और सियासी रंग भी ले सकता है। अब निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन पर हैं कि वह मरम्मत और छात्रों की मांगों को लेकर क्या ठोस कदम उठाता है।



