महाशिवरात्रि पर धूरी में केजरीवाल और भगवंत मान ने किया पूजन, प्रदेश की खुशहाली की कामना

महाशिवरात्रि पर धूरी पहुंचे केजरीवाल और भगवंत मान श्री रणकेशवर महादेव मंदिर में किया पूजन-अर्चन पंजाब और देश की खुशहाली के लिए मांगा आशीर्वाद

महाशिवरात्रि के पवित्र मौके पर Arvind Kejriwal और पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने सम्मानित श्री रणकेशवर महादेव मंदिर में माथा टेका और ऐतिहासिक सिद्ध पीठ में पूजा-अर्चना की। दोनों नेताओं ने पंजाब और देश की शांति, खुशहाली व निरंतर तरक्की के लिए आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर उन्होंने महाशिवरात्रि को भारत की प्राचीन आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक बताते हुए देशवासियों को शुभकामनाएं दीं।

सोशल मीडिया पर दी शुभकामनाएं

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अरविंद केजरीवाल ने लिखा कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ धूरी के श्री रणकेशवर महादेव मंदिर में प्रार्थना करने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा कि महादेव की ब्रह्म ऊर्जा मन को शांति और आत्मा को नई शक्ति प्रदान करती है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भी एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि उन्होंने केजरीवाल और पंजाब इंचार्ज मनीष सिसोदिया के साथ भगवान शिव का आशीर्वाद लिया तथा देश की खुशहाली, शांति और भाईचारे के लिए प्रार्थना की।

आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत पर जोर

मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पंजाब सरकार आने वाली पीढ़ियों के लिए राज्य की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संभालने और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने श्री गुरु तेग बहादर जी के शहादी दिवस और श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब अपनी गौरवशाली परंपराओं को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाता है।

सिद्ध पीठ की ऐतिहासिक मान्यता

दोनों नेताओं ने कहा कि श्री रणकेशवर महादेव मंदिर मालवा क्षेत्र की एक सम्मानित सिद्ध पीठ है। उन्होंने बताया कि परंपरागत मान्यता के अनुसार यह स्थान महाभारत काल से जुड़ा है, जहां भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अर्जुन ने तपस्या की थी। मान्यता है कि भगवान शिव ने प्रसन्न होकर अर्जुन को दिव्य वरदान प्रदान किया था।

महाशिवरात्रि का व्यापक महत्व

नेताओं ने कहा कि महाशिवरात्रि केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि आध्यात्मिक जागृति और आत्म-अनुशासन का प्रतीक है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य मिलन की स्मृति भी दिलाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे ऐतिहासिक और तपस्थली स्थलों पर उत्सव मनाने से सांस्कृतिक निरंतरता मजबूत होती है और क्षेत्रीय पहचान को बल मिलता है।

विरासत संरक्षण की प्रतिबद्धता

अरविंद केजरीवाल और भगवंत सिंह मान ने दोहराया कि प्रदेश सरकार युवाओं को राज्य की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादर जी के 350वें शहादी दिवस को ऐतिहासिक रूप से मनाया गया और अब गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को भी भव्य रूप से मनाने की तैयारी है। अंत में उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ी रहें और पंजाब की आध्यात्मिक धरोहर को आगे बढ़ाएं।

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