Ghaziabad 3 Sisters Suicide Case: भारत सिटी सोसाइटी में पसरा सन्नाटा, पिता ने बताई उस रात की कहानी
गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में तीन बहनों की मौत से मातम पिता ने बताई उस रात की पूरी कहानी, सुसाइड डायरी से चौंकाने वाला खुलासा कोरियन कल्चर के प्रभाव के एंगल से जांच में जुटी पुलिस

Up news: गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में आज भी सन्नाटा पसरा हुआ है। हर तरफ खामोशी और दहशत का माहौल है। जिस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया, उसने सोसाइटी के लोगों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। यहां रहने वाले चेतन कुमार के घर कल रात तक सब कुछ सामान्य था, लेकिन अब उनकी तीन नाबालिग बेटियों की दर्दनाक मौत ने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
कैसे हुई दर्दनाक घटना
चेतन कुमार की तीनों बेटियां 12 साल की निशिका, 14 साल की पाखी और 16 साल की प्राची ने देर रात करीब 2:15 बजे नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता के मुताबिक, रात करीब 12 बजे उन्होंने तीनों बच्चियों से मोबाइल फोन ले लिए थे, लेकिन कुछ देर बाद वापस मांगने पर फोन दे दिए गए। रात करीब 1 बजे मां ने दोबारा मोबाइल फोन ले लिए, जिसके बाद बच्चियों ने कमरे का गेट अंदर से बंद कर लिया।
दरवाजा खुला तो सामने आया भयावह सच
काफी देर तक कमरे से कोई आवाज नहीं आने पर परिवार को शक हुआ। दरवाजा खोलने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया और गेट तोड़ा गया। पिता के अनुसार, दरवाजा खुलते ही उन्होंने नीचे झांककर देखा तो एक बच्ची दिखाई दी। नीचे जाकर पता चला कि तीनों बेटियां नीचे गिरी हुई थीं और उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
कोरियन कल्चर से गहरा लगाव
पिता ने बताया कि उनकी तीनों बेटियां कोरियन कल्चर से बेहद प्रभावित थीं। वे खुद को कोरियन मानने लगी थीं और अक्सर कोरिया जाने और वहीं शादी करने की बातें करती थीं। उन्होंने अपने नाम तक बदल लिए थे। पिता के मुताबिक, बीच वाली बेटी बाकी दोनों पर ज्यादा असर डालती थी और वही फैसले लिया करती थी। तीनों बहनें हर काम साथ-साथ करती थीं।
सुसाइड डायरी से मिले अहम सुराग
घटना के बाद कमरे से मिले सबूतों और सुसाइड डायरी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पिता का कहना है कि डायरी में कोरिया से जुड़ी बातें लिखी थीं और एक लाइन थी “लो छुड़ा लिया तुमने कोरिया…”। बेटियों को खो चुके पिता ने कहा कि अब उनकी जिंदगी में कुछ भी नहीं बचा है और उन्हें अपनी सबसे बड़ी गलती यही लगती है कि उन्होंने बच्चियों को मोबाइल दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।



