पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का खतरा, 2 नर्सों की हालत गंभीर

पश्चिम बंगाल के बारासात अस्पताल में निपाह वायरस के दो गंभीर मामले। डॉक्टर में भी दिखे लक्षण, 45 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए। पड़ोसी राज्य झारखंड में स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया अलर्ट।

पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले से निपाह वायरस को लेकर चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। यहां एक निजी अस्पताल में काम करने वाली दो नर्सों में निपाह वायरस संक्रमण के संकेत मिले हैं। दोनों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। एक नर्स कोमा में है, जबकि दूसरी नर्स वेंटिलेटर सपोर्ट पर इलाजरत है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दोनों नर्सों का इलाज नॉर्थ 24 परगना जिले के बारासात स्थित उसी निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां वे कार्यरत थीं। एहतियात के तौर पर उन्हें अलग-अलग आइसोलेशन वार्ड में रखा गया है।

 

डॉक्टर में भी दिखे लक्षण, अस्पताल में रहने की सलाह

इन नर्सों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर में भी कुछ संदिग्ध लक्षण सामने आए हैं। इसके बाद डॉक्टर को भी उसी अस्पताल में एडमिट रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग शुरू कर दी है। अब तक 45 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे जा चुके हैं।

 

कल्याणी एम्स भेजे गए सैंपल

अधिकारियों ने बताया कि दोनों नर्सें बारासात के एक ही अस्पताल में काम करती थीं। उनके सैंपल जांच के लिए कल्याणी स्थित एम्स भेजे गए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में निपाह वायरस संक्रमण के संकेत मिले हैं। एक नर्स नदिया जिले की रहने वाली है, जबकि दूसरी ईस्ट बर्धमान जिले के कटवा की निवासी बताई जा रही है।

 

स्पेशल एंबुलेंस से बारासात लाया गया मरीज

स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक, कटवा निवासी नर्स हाल ही में अपने होमटाउन गई थीं, जहां उनकी तबीयत बिगड़ गई। 31 दिसंबर को उन्हें पहले एक स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बर्धमान मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से बाद में स्पेशल एंबुलेंस के जरिए बारासात अस्पताल में शिफ्ट किया गया।

 

झारखंड में भी अलर्ट जारी

पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस के संदिग्ध मामलों के सामने आने के बाद पड़ोसी राज्य झारखंड में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। झारखंड सरकार ने निगरानी बढ़ाने और आम लोगों को जागरूक करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि निपाह वायरस का संक्रमण बेहद खतरनाक होता है और इसकी मृत्यु दर भी काफी अधिक है। साथ ही इसके तेजी से फैलने की आशंका रहती है, इसलिए ऐसे मामलों की सूचना तुरंत केंद्र सरकार को देना अनिवार्य होता है।

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