विवादित पोस्ट मामले में नेहा सिंह राठौर ने लखनऊ पुलिस के सामने दर्ज कराया बयान
पहलगाम आतंकी हमले पर सोशल मीडिया टिप्पणी के मामले में हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं नेहा सिंह राठौर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट से राहत न मिलने के बाद पुलिस के सामने दर्ज कराया बयान विवादित पोस्ट को लेकर 27 अप्रैल 2025 को दर्ज हुई थी एफआईआर
Lucknow: विवादित सोशल मीडिया पोस्ट मामले में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर शनिवार को अपने पति हिमांशु के साथ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं। पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी के मामले में नेहा ने पुलिस के सामने पेश होकर अपना लिखित बयान दर्ज कराया। बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस और अदालत की ओर से नेहा सिंह राठौर को कई बार नोटिस भेजे गए थे, लेकिन वह लंबे समय तक बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुईं। नेहा ने अब तक बीमारी का हवाला देते हुए जांच से दूरी बनाए रखी थी। इस बीच नेहा सिंह राठौर ने राहत पाने के लिए पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, लेकिन दोनों ही अदालतों से उन्हें कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद शनिवार को वह हजरतगंज कोतवाली पहुंचीं और पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए बयान दर्ज कराया।
क्या है पूरा मामला
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक विवादित टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी को लेकर लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद से पुलिस लगातार उन्हें पूछताछ के लिए बुला रही थी, लेकिन वह पेश नहीं हो रही थीं।
हाईकोर्ट से नहीं मिली थी राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने नेहा सिंह राठौर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि विवेचनाधिकारी के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश के बावजूद अभियुक्ता जांच में सहयोग नहीं कर रही है। कोर्ट ने यह भी माना था कि मामला गंभीर प्रकृति का है।
सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका की थी खारिज
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ नेहा सिंह राठौर ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दाखिल की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने खारिज कर दिया था। अदालत ने स्पष्ट किया था कि जांच में सहयोग न करने की स्थिति में अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। गौरतलब है कि नेहा सिंह राठौर के खिलाफ यह प्राथमिकी 27 अप्रैल 2025 को हजरतगंज थाने में अभय प्रताप सिंह उर्फ निर्भीक द्वारा दर्ज कराई गई थी।



