शरीर में विटामिन डी की कमी बन सकती है पैरों के दर्द की वजह, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी
पैरों में लगातार दर्द और कमजोरी को न करें नजरअंदाज, यह विटामिन डी की कमी का संकेत हो सकता है। विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर होती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है। धूप, सही डाइट और जरूरत पड़ने पर सप्लीमेंट से इस कमी को समय रहते दूर किया जा सकता है।

Lifestyle: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए सभी जरूरी विटामिन और मिनरल्स का संतुलन बेहद जरूरी होता है। इनमें से किसी एक की भी कमी हो जाए, तो इसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है। अक्सर लोग पैरों में होने वाले लगातार दर्द को थकान या उम्र का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह विटामिन डी की कमी का संकेत भी हो सकता है।
विटामिन डी की कमी के लक्षण
विटामिन डी की कमी होने पर सबसे ज्यादा असर हड्डियों और मांसपेशियों पर पड़ता है। हड्डियों की मजबूती कम होने लगती है और मांसपेशियों में दर्द व जकड़न महसूस होने लगती है। ऐसे में पैरों में लगातार दर्द रहना आम समस्या बन सकती है।इसके अलावा दिनभर कमजोरी महसूस होना, जोड़ों में अकड़न और चलते-फिरते थकावट होना भी विटामिन डी की कमी के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं। अगर एक साथ ऐसे कई लक्षण नजर आएं, तो समय रहते जांच कराना जरूरी हो जाता है।
क्यों है विटामिन डी की कमी खतरनाक?
अगर लंबे समय तक शरीर में विटामिन डी की कमी बनी रहे, तो इससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इस स्थिति में हड्डियों की डेंसिटी कम हो जाती है, जिससे वे कमजोर और नाजुक हो जाती हैं। ऐसे में मामूली चोट या गिरने से भी हड्डी टूटने का खतरा बढ़ सकता है।
विटामिन डी की कमी कैसे दूर करें?
विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए सबसे आसान तरीका है रोजाना कुछ देर धूप में बैठना। इसके अलावा डाइट में विटामिन डी से भरपूर चीजों को शामिल करना भी फायदेमंद होता है। दूध, दही और अंडा विटामिन डी के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इनका सही मात्रा में और नियमित सेवन करने से शरीर में विटामिन डी का स्तर बेहतर हो सकता है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से विटामिन डी सप्लीमेंट्स भी लिए जा सकते हैं।
डिस्क्लेमर
इस आर्टिकल में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी तरह का इलाज, सप्लीमेंट या डाइट में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी इस जानकारी की पूर्ण प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।



