मिडिल ईस्ट में भड़की जंग: ईरान के हमले तेज, ऑस्ट्रेलिया ने सैन्य भागीदारी से किया इनकार

मिडिल ईस्ट में ईरान के हमले तेज, कई देशों में हड़कंप ऑस्ट्रेलिया ने सैन्य अभियान में शामिल होने से किया इनकार ट्रंप की चेतावनी, सऊदी अरब ने संयम बरतने की अपील

Iran crisis: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग अब और ज्यादा खतरनाक मोड़ लेती नजर आ रही है। मिडिल ईस्ट में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और हमलों का दायरा बढ़ता जा रहा है। इसी बीच ऑस्ट्रेलिया ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं होगा। ऑस्ट्रेलियाई सरकार ने कहा है कि अगर संघर्ष और बढ़ता है, तब भी वह मिडिल ईस्ट में अपनी सेना तैनात नहीं करेगी। हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब इजरायल ने तेहरान पर ताजा हमले किए। जवाब में ईरान ने भी मिसाइलों की झड़ी लगा दी। आज ईरान की ओर से कुवैत, बहरीन, दुबई और सऊदी अरब समेत कई जगहों पर हमले की खबरें सामने आई हैं। कुवैत में अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाए जाने की सूचना है, जिसके बाद वहां से धुआं उठता देखा गया। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय पर भी हमला हुआ बताया जा रहा है। इराक के इरबिल में भी जोरदार धमाके की खबर है।

 

सऊदी अरब का रुख नरम

ईरान के हमलों के बाद भी सऊदी अरब ने फिलहाल जवाबी कार्रवाई से दूरी बनाने का संकेत दिया है। सऊदी क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman ने खाड़ी देशों से अपील की है कि वे ऐसा कोई कदम न उठाएं, जिससे हालात और बिगड़ें या ईरान और उसके सहयोगियों की ओर से बड़ा जवाबी हमला हो।

 

ट्रंप की सख्त चेतावनी

उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान की सेना को हथियार डालने की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक सभी लक्ष्य हासिल नहीं कर लिए जाते। ट्रंप ने यह भी कहा कि जो भी बदलाव होगा, उसकी सुरक्षा की गारंटी अमेरिका देगा। फिलहाल पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और दुनिया की नजर इस बढ़ते संघर्ष पर टिकी है।

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