बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का निधन, भारत ने जताया शोक
भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर जताया गहरा शोक। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ढाका में शोक संदेश सौंपा और संवेदनाएं प्रकट कीं। खालिदा जिया का राजनीतिक सफर 40 साल से भी लंबा और संघर्षपूर्ण रहा।

Bangladesh: भारत ने बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से संवेदना पत्र और भारत सरकार व जनता की ओर से श्रद्धांजलि संदेश लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर बुधवार को ढाका पहुंचे। जयशंकर ने बांग्लादेश के लोगों को इस दुख की घड़ी में भारत की संवेदनाएं पहुंचाईं और खालिदा जिया के लोकतंत्र में योगदान को याद किया। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए बताया कि जयशंकर ने प्रधानमंत्री मोदी का शोक संदेश सौंपते हुए कहा कि भारत, बांग्लादेश के साथ इस समय खड़ा है।
मंगलवार को हुआ था निधन
बेगम खालिदा जिया का निधन मंगलवार को ढाका में लंबी बीमारी के बाद हुआ। वह 80 वर्ष की थीं। विदेश मंत्री जयशंकर बुधवार सुबह 11:30 बजे विशेष विमान से ढाका पहुंचे, जहां एयरपोर्ट पर उनका स्वागत भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने किया। खालिदा जिया बांग्लादेश की राजनीति की सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक रही हैं और तीन बार देश की प्रधानमंत्री रहीं। इसके अलावा वह लंबे समय तक बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष भी रही।
लंबा और संघर्षपूर्ण राजनीतिक सफर
खालिदा जिया का राजनीतिक सफर 40 साल से भी ज्यादा लंबा रहा। इस दौरान उन्होंने सफलता की बुलंदियां छुईं, लेकिन कई मुश्किल हालात का भी सामना किया। BNP की कमान संभालते हुए उन्होंने देश की सत्ता की बागडोर थामी, हालांकि उनकी छवि पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। उनका सार्वजनिक जीवन में प्रवेश पूरी तरह परिस्थितियों के कारण हुआ। उनके पति राष्ट्रपति जियाउर रहमान की 30 मई 1981 को एक असफल सैन्य तख्तापलट में हत्या के बाद, केवल 35 साल की उम्र में उन्होंने सियासत में कदम रखा। लगभग एक दशक बाद वह बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं। राजनीति में उनका कदम किसी पूर्व-नियोजित रणनीति का हिस्सा नहीं था, बल्कि परिस्थितियों ने उन्हें यह राह दिखाई।



