कर्नाटक में मिलावटी दूध का बड़ा खुलासा, स्कूल-आंगनवाड़ी तक हो रही थी सप्लाई
KGF तालुक के बल्लागेरे गांव में मिलावटी दूध बनाने की फैक्ट्री पर पुलिस का छापा एक्सपायर मिल्क पाउडर, पॉम ऑयल और केमिकल से तैयार किया जा रहा था नकली दूध स्कूलों और आंगनवाड़ियों तक सप्लाई, 5 आरोपी गिरफ्तार
कर्नाटक के कोलार जिले से एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। कोलार जिले की सीमा पर मिलावटी दूध बनाने वाली एक फैक्ट्री का खुलासा हुआ है। KGF एंडरसन पुलिस और फूड सेफ्टी विभाग की संयुक्त टीम ने KGF तालुक के बल्लागेरे गांव में एक घर पर छापा मारकर इस अवैध रैकेट का पर्दाफाश किया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मिलावटी दूध बनाते हुए 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे बनाया जा रहा था नकली दूध?
जांच में सामने आया है कि आरोपी एक्सपायर हो चुका मिल्क पाउडर, पॉम ऑयल और खतरनाक केमिकल मिलाकर नकली दूध तैयार कर रहे थे। हैरानी की बात यह है कि यह मिलावटी दूध स्कूलों और आंगनवाड़ियों तक सप्लाई किया जा रहा था, जहां छोटे बच्चे इसका सेवन कर रहे थे। 5 आरोपी गिरफ्तार, आंध्र प्रदेश के हैं सभी।
पुलिस ने इस मामले में आंध्र प्रदेश के रहने वाले
वेंकटेशप्पा, बालाजी, दिलीप, बलाराजू और मनोहर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग दूध को गाढ़ा दिखाने के लिए केमिकल मिला हुआ पॉम ऑयल इस्तेमाल कर रहे थे।
पुलिस ने क्या कहा?
मामले पर जानकारी देते हुए SP शिवांशु ने कहा कि मिलावटी दूध के इस रैकेट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है और आगे भी जांच जारी रहेगी। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह दूध किन-किन इलाकों में सप्लाई किया गया।
मिलावटी दूध से सेहत को कितना खतरा?
दूध हर भारतीय घर की रोजमर्रा की जरूरत है। बच्चे हों या बुजुर्ग, अधिकतर लोग दूध को सीधे पीते हैं। ऐसे में अगर मिलावटी दूध का सेवन किया जाए तो इससे गंभीर बीमारियां, फूड पॉइजनिंग और यहां तक कि जान जाने का खतरा भी हो सकता है।
आम लोगों से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे दूध खरीदते समय सावधानी बरतें और केवल भरोसेमंद स्रोत से ही दूध लें। अगर कहीं भी दूध को लेकर कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए, तो तुरंत पुलिस या फूड सेफ्टी विभाग को सूचना दें।



