कंबोडिया–थाईलैंड सीमा पर फिर भड़की जंग, हुन सेन ने दी कड़ी चेतावनी

कंबोडिया–थाईलैंड सीमा पर फिर भड़के तनाव हुन सेन ने थाईलैंड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी हजारों लोग पलायन को मजबूर, हालात बने गंभीर

कंबोडिया और थाईलैंड के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। सीमावर्ती इलाकों में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। रविवार को हुई एक छोटी सी झड़प के बाद दोनों देशों की सेनाओं ने एक-दूसरे पर बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए।

 

हुन सेन की चेतावनी – “जवाबी कार्रवाई के लिए मजबूर हैं”

कंबोडिया के ताकतवर सीनेट अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री हुन सेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि उनका देश शांति चाहता है, लेकिन थाई सेना की गोलीबारी के बाद उन्हें जवाब देना पड़ा। हुन सेन 2023 तक प्रधानमंत्री रहे और आज भी देश के सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।

 

कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं

हालात पर नजर रख रहे थाई पीएम अनुतिन चर्नविराकुल ने साफ कहा है कि कंबोडिया ने बातचीत के लिए संपर्क नहीं किया है और सेना अपने प्लान के मुताबिक आगे बढ़ेगी। दोनों देश एक-दूसरे पर पहले हमला करने का आरोप, थाई सेना का कहना है कि कंबोडियाई सैनिक तोपखाने, रॉकेट और ड्रोन से हमला कर रहे हैं। कंबोडिया के मुताबिक नई झड़पों में 7 नागरिक मारे गए और 20 घायल हुए हैं। थाईलैंड ने अपने 3 सैनिकों के शहीद होने की पुष्टि की है।

 

थाईलैंड के हवाई हमले और लोगों का पलायन

थाईलैंड ने सोमवार को सीमा पर एयरस्ट्राइक की, जिसे उसने “रक्षात्मक कार्रवाई” बताया। हालात इतने नाजुक हैं कि: थाईलैंड ने 4 प्रांतों में 500 अस्थायी कैंप बना दिए, जिनमें 1.25 लाख से ज्यादा लोग शरण ले चुके हैं। कंबोडिया ने अब तक 55,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है।

 

तनाव के पीछे पुराना इतिहास

दोनों देशों की दुश्मनी नई नहीं है। करीब 800 किमी लंबी सीमा फ्रांस ने उपनिवेश काल में तय की थी, जिस पर आज भी विवाद है। कंबोडिया आरोप लगाता है कि थाईलैंड ने 18 कैदियों को अभी तक नहीं छोड़ा। थाईलैंड का कहना है कि कंबोडिया उसकी सीमा पर नई लैंड माइंस बिछा रहा है, जबकि कंबोडिया का दावा है कि ये पुराने सिविल वॉर के समय की बची माइंस हैं।

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