इंदौर में दूषित पानी बना मौत की वजह, उल्टी-दस्त से 14 की मौत, 1400 से ज्यादा बीमार

स्वच्छ शहर इंदौर में गंदे पानी से फैली उल्टी-दस्त की महामारी भागीरथपुरा से शुरू हुआ संक्रमण, पाइपलाइन रिसाव की पुष्टि 14 मौतें, 1400 से ज्यादा बीमार, कई मरीज ICU में भर्ती

Indore: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में उल्टी-दस्त की गंभीर महामारी फैलने के पीछे पीने का दूषित पानी वजह बना है। लैब जांच में इसकी पुष्टि हो चुकी है। अब तक इस बीमारी से 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1400 से ज्यादा लोग बीमार पड़ चुके हैं। कई मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है और उन्हें ICU में भर्ती कराया गया है। स्वच्छता में लगातार 8 साल नंबर-1 रहने वाले इंदौर में इस तरह की घटना ने लोगों को हैरान और चिंतित कर दिया है।

 

भागीरथपुरा से फैली महामारी

इंदौर के CMHO डॉ. माधव प्रसाद हसानी के मुताबिक, मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में सामने आया है कि भागीरथपुरा इलाके में पानी की मुख्य पाइपलाइन में रिसाव हुआ था। इसी वजह से पीने का पानी गंदा हो गया और यहीं से महामारी की शुरुआत हुई। अधिकारियों ने बताया कि एक पुलिस चौकी के पास पाइपलाइन लीक थी और उसके ऊपर शौचालय बना हुआ था, जिससे पानी दूषित हो गया।

 

सरकार की अपील – पानी उबालकर पिएं

अतिरिक्त मुख्य सचिव संजय दुबे ने बताया कि भागीरथपुरा की पूरी पाइपलाइन की गहन जांच की जा रही है ताकि कहीं और रिसाव न हो। फिलहाल साफ पानी की सप्लाई शुरू कर दी गई है, लेकिन एहतियात के तौर पर लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। साथ ही पानी के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरे प्रदेश में SOP लागू की जाएगी।

 

1714 घरों का सर्वे, 32 मरीज ICU में

मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर संजय दुबे ने भागीरथपुरा का दौरा कर हालात का जायजा लिया। गुरुवार को 1714 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें 8571 लोगों की जांच हुई। इनमें 338 लोगों में हल्के लक्षण पाए गए, जिनका इलाज घर पर ही किया गया। पिछले 8 दिनों में 272 मरीज अस्पताल में भर्ती हुए, जिनमें से 71 को छुट्टी मिल चुकी है। फिलहाल 201 मरीज भर्ती हैं, जिनमें 32 की हालत गंभीर होने से ICU में रखा गया है।

Related Articles

Back to top button