कर्नल सोफिया कुरैशी विवाद: मंत्री विजय शाह ने फिर मांगी माफी, बोले– कोई दुर्भावना नहीं थी

कर्नल सोफिया कुरैशी पर टिप्पणी को लेकर घिरे मंत्री विजय शाह ने फिर मांगी माफी बोले देशभक्ति के जोश में निकले शब्द, किसी का अपमान करने का इरादा नहीं था सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद कांग्रेस ने तेज की इस्तीफे की मांग

Colnol sofia qureshi: भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए आपत्तिजनक बयान से उपजे विवाद के बीच मध्यप्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह ने शनिवार को एक बार फिर सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके बयान का उद्देश्य किसी महिला अधिकारी, भारतीय सेना या समाज के किसी भी वर्ग का अपमान करना नहीं था और उनके मन में कोई दुर्भावना नहीं थी।

 

देशभक्ति के जोश में निकले शब्द, भावना गलत नहीं थी

इंदौर में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए विजय शाह ने कहा कि उनके शब्द उनकी वास्तविक भावना के अनुरूप नहीं थे। उन्होंने स्वीकार किया कि यह बयान देशभक्ति के उत्साह, उत्तेजना और आवेश में निकल गया। मंत्री ने कहा कि गलती के पीछे की भावना को भी देखा जाना चाहिए और वह पहले भी इस पर कई बार सफाई दे चुके हैं।

 

बार-बार माफी, भविष्य में वाणी पर नियंत्रण का संकल्प

विजय शाह ने कहा कि उन्होंने विवादित टिप्पणी के लिए अंतःकरण से कई बार क्षमा याचना की है और आज एक बार फिर माफी मांग रहे हैं। उन्होंने इसे अपने लिए अत्यंत पीड़ादायक बताया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में शब्दों की मर्यादा और संवेदनशीलता बेहद जरूरी है। इस पूरे प्रकरण से उन्होंने आत्ममंथन किया है और भविष्य में ऐसी गलती दोबारा न होने का भरोसा दिलाया।

 

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश, कांग्रेस की इस्तीफे की मांग

गौरतलब है कि 19 जनवरी को उच्चतम न्यायालय ने मध्यप्रदेश सरकार को निर्देश दिए थे कि वह कर्नल सोफिया कुरैशी से जुड़ी विवादित टिप्पणियों के मामले में विजय शाह के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी पर दो सप्ताह के भीतर निर्णय करे। इन निर्देशों के बाद कांग्रेस पार्टी लगातार मंत्री के इस्तीफे या उन्हें मंत्रिमंडल से हटाने की मांग कर रही है।

 

हाईकोर्ट की फटकार और एफआईआर का पूरा मामला

यह विवाद तब सामने आया था, जब सोशल मीडिया पर विजय शाह का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह कथित तौर पर कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते दिखे। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लेते हुए टिप्पणी को अपमानजनक और अभद्र बताया तथा एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद इंदौर जिले के मानपुर थाने में उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। यह बयान 12 मई 2025 को इंदौर जिले के रायकुण्डा गांव में आयोजित ‘हलमा’ कार्यक्रम के दौरान दिया गया था।

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