नोएडा से अखिलेश यादव का 2027 चुनावी शंखनाद, PDA फ़ॉर्मूले के साथ सपा की नई रणनीति

नोएडा से अखिलेश यादव करेंगे 2027 विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत PDA फ़ॉर्मूले के औपचारिक ऐलान के साथ सपा का आक्रामक प्लान 2022 की करारी हार के बाद पश्चिमी यूपी पर विशेष फोकस

Samajwadi party: समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव 28 मार्च से अपने चुनावी अभियान का आग़ाज़ करेंगे। इस बार वह अपने प्रचार की शुरुआत नोएडा से करने जा रहे हैं, जिसे अब तक सपा का सबसे कमज़ोर गढ़ माना जाता रहा है। लगभग 11 महीने पहले ही कैंपेन शुरू कर अखिलेश यादव ने साफ संकेत दे दिया है कि 2027 के चुनाव को लेकर पार्टी किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है। 28 मार्च को नोएडा में PDA भागीदारी रैली का आयोजन किया जाएगा, जहां से सपा अपने PDA (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) फ़ॉर्मूले का औपचारिक ऐलान करेगी।

 

कमज़ोर इलाकों पर विशेष फोकस

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, इस बार अखिलेश यादव की रणनीति उन क्षेत्रों पर केंद्रित है जहां पिछले चुनावों में समाजवादी पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और खासतौर पर नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र को सपा रणनीतिक रूप से बेहद अहम मान रही है। पार्टी का मानना है कि अगर इन इलाकों में संगठन मजबूत किया गया, तो चुनावी समीकरणों में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।

 

2022 की हार से सबक

2022 के विधानसभा चुनाव में गौतमबुद्धनगर जिले की सभी सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने जीत दर्ज की थी। समाजवादी पार्टी को यहां एक भी सीट नहीं मिल सकी थी। नोएडा, दादरी और जेवर — तीनों ही सीटों पर बीजेपी ने भारी अंतर से जीत हासिल की थी। ऐसे में नोएडा से चुनावी अभियान की शुरुआत को सपा की बदली हुई रणनीति और आक्रामक तेवरों के तौर पर देखा जा रहा है।

 

नोएडा सीट पर सपा की स्थिति

2022 के विधानसभा चुनाव में नोएडा सीट पर बीजेपी के पंकज सिंह ने रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी। उन्हें करीब 2 लाख 44 हजार वोट मिले थे, जबकि समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुनील चौधरी को लगभग 1.81 लाख वोटों के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। यह बीजेपी की सबसे बड़ी जीतों में से एक मानी गई थी।

 

दादरी और जेवर में भी बीजेपी का दबदबा

दादरी विधानसभा सीट से बीजेपी के तेजपाल सिंह नागर ने करीब 1.38 लाख वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। वहीं जेवर सीट पर बीजेपी के धीरेंद्र सिंह ने लगभग 56 हजार से अधिक वोटों से बाजी मारी थी। पूरे गौतमबुद्धनगर जिले में सपा का वोट शेयर बेहद कम रहा और पार्टी यहां कोई मजबूत संगठन खड़ा करने में नाकाम रही।

 

2027 के लिए नई सियासी कोशिश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि PDA फ़ॉर्मूले के ज़रिए अखिलेश यादव सामाजिक समीकरणों को नए सिरे से साधने की कोशिश कर रहे हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में PDA रणनीति से सपा को उत्तर प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन मिला था, जिसे अब विधानसभा स्तर पर दोहराने की योजना है। हालांकि नोएडा जैसे शहरी और कॉर्पोरेट प्रभाव वाले इलाकों में यह राह आसान नहीं मानी जा रही, लेकिन फिर भी सपा इसे अपनी सियासी वापसी का अहम पड़ाव मान रही है।

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