सऊदी अरब और यूएई आमने-सामने, 24 घंटे का अल्टीमेटम

यमन के मुकल्ला में सऊदी अरब की बमबारी से बढ़ा तनाव यूएई पर अलगाववादियों को हथियार सप्लाई का आरोप 24 घंटे का अल्टीमेटम, जंग के करीब पहुंचे रिश्ते

Saudi Arabia: मध्य पूर्व के दो सबसे ताकतवर देश सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच तनाव अचानक बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। सऊदी अरब ने यूएई को यमन से जुड़े एक मामले में 24 घंटे का अल्टीमेटम जारी किया है। चेतावनी साफ है, अगर मांगें नहीं मानी गईं तो हालात जंग की ओर बढ़ सकते हैं। अब सवाल यह है कि आखिर दोनों करीबी सहयोगी देश अचानक एक-दूसरे के आमने-सामने क्यों आ गए?

 

क्या है पूरा मामला?

सऊदी अरब ने यमन के बंदरगाही शहर मुकल्ला पर भीषण हवाई हमले किए हैं। रियाद का आरोप है कि यूएई यमन के अलगाववादी गुटों को हथियार और सैन्य मदद मुहैया करा रहा है। सऊदी का कहना है कि बीते तीन दिनों में यमन के अलगाववादियों के खिलाफ दो बड़े हवाई हमले इसी वजह से किए गए। सऊदी अरब ने सीधे तौर पर यूएई पर यमन में “खतरनाक और उकसावे वाली गतिविधियों” में शामिल होने का आरोप लगाया है और इसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

 

यूएई को क्यों दिया गया 24 घंटे का अल्टीमेटम?

सऊदी अरब ने यूएई से साफ कहा है कि वह 24 घंटे के भीतर यमन से अपनी सभी सेनाएं और भाड़े के सैनिक वापस बुलाए। इसके साथ ही यमनी गुटों को दी जा रही सैन्य और वित्तीय सहायता तुरंत रोकने की मांग की गई है। दरअसल, कुछ हफ्ते पहले यूएई समर्थित लड़ाकों ने सऊदी समर्थित बलों के खिलाफ हमला किया था। इसी घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बढ़ता चला गया।

 

सऊदी के गंभीर आरोप

सऊदी अरब का आरोप है कि यूएई, यमन की साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) को हथियार सप्लाई कर रहा है। रियाद ने अबू धाबी को चेतावनी देते हुए कहा कि उसके कदम “अत्यधिक खतरनाक” हैं और किसी भी उल्लंघन का कड़ा जवाब दिया जाएगा। यह टकराव ऐसे समय में सामने आया है जब सऊदी समर्थित बल और यूएई समर्थित अलगाववादी गुट आमने-सामने खड़े हैं, जिससे यमन में हालात और बिगड़ गए हैं।

 

यमन में हालात और तनावपूर्ण

हालात बिगड़ने के बाद यमन के हूती-विरोधी बलों ने आपातकाल की घोषणा कर दी है। उन्होंने यूएई के साथ सभी तरह का सहयोग समाप्त करते हुए अमीराती बलों को 24 घंटे के भीतर क्षेत्र छोड़ने का आदेश दिया है। इसके अलावा, 72 घंटे के लिए सभी सीमा पारगमन बंद हवाई अड्डों और बंदरगाहों में प्रवेश पर रोक, जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं।

 

हथियारों से भरा जहाज बना विवाद की जड़

सऊदी प्रेस एजेंसी के मुताबिक, यूएई के फुजैराह बंदरगाह से हथियारों से लदे जहाज मुकल्ला पहुंचे थे। आरोप है कि जहाजों की ट्रैकिंग डिवाइस बंद कर दी गई थी और उनमें से बड़ी मात्रा में हथियार और सैन्य वाहन उतारे गए। इन्हीं हथियारों को “तत्काल खतरा” बताते हुए सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने मुकल्ला में सीमित हवाई हमला किया। सऊदी सेना का दावा है कि हमला रात में किया गया ताकि आम नागरिकों को नुकसान न पहुंचे।

 

रिश्तों में बढ़ती दरार

हालांकि सऊदी अरब और यूएई लंबे समय से कई क्षेत्रीय मुद्दों पर साथ रहे हैं, लेकिन हाल के वर्षों में आर्थिक हितों और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। यमन का यह विवाद अब उस प्रतिस्पर्धा को खुली टकराव की दिशा में ले जाता दिख रहा है। यूएई की ओर से अब तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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