मध्य प्रदेश: गरीबी ने छीना सहारा, सड़क पर ही बुझ गई पत्नी की सांसें
गरीबी ने छीन लिया इलाज का हक ठेले पर पत्नी को अस्पताल ले जाने की मजबूरी स्वास्थ्य व्यवस्था और सिस्टम पर उठे सवाल

Mp news: मध्य प्रदेश के सागर शहर से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। गरीबी किस हद तक किसी इंसान को मजबूर कर देती है, इसका दर्दनाक उदाहरण तब देखने को मिला जब एक वृद्ध अपनी बीमार पत्नी को हाथ ठेले पर अस्पताल ले जाने को मजबूर हुआ। लेकिन इलाज मिलने से पहले ही पत्नी ने रास्ते में दम तोड़ दिया। इसके बाद वृद्ध पति सड़क किनारे पत्नी के शव के पास बैठकर फूट-फूटकर रोता रहा। यह कारुणिक दृश्य जिसने भी देखा, उसकी आंखें भर आईं।
सब्जी के ठेले पर अस्पताल ले जाने की मजबूरी
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के सेसई गांव निवासी पवन साहू पिछले 10–12 वर्षों से सागर में रहकर सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। आर्थिक तंगी के कारण वे अपनी पत्नी का समय पर समुचित इलाज नहीं करा सके। इलाज में जो भी थोड़ी-बहुत जमा पूंजी थी, वह पहले ही खत्म हो चुकी थी। एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिल सकी और निजी वाहन किराए पर लेने की क्षमता भी नहीं थी, जिसके चलते पवन साहू अपनी पत्नी को उसी सब्जी के ठेले पर अस्पताल ले जाने को मजबूर हुए।
रास्ते में ही तोड़ दिया दम
अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में पत्नी ने अंतिम सांस ले ली। बीच सड़क पर हाथ ठेले पर पड़ा पत्नी का शव और उसके पास बैठा बेबस पति बार-बार उसे निहारता रहा। आंखों में आंसू लिए वह राहगीरों से मदद की गुहार लगाता रहा। उसने बताया कि पत्नी के इलाज में सारी जमा पूंजी खर्च हो चुकी है और अब उसके पास अंतिम संस्कार तक के पैसे भी नहीं हैं।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
यह घटना न सिर्फ गरीबी की भयावह सच्चाई को उजागर करती है, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था और सामाजिक संवेदनहीनता पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। मामले का वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और पीड़ित परिवार को मदद का आश्वासन दिया गया है।



