प्रयागराज में माघ मेला-2026 का भव्य आगाज़, पहले दिन 35 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई संगम में आस्था की डुबकी

पौष पूर्णिमा पर संगम तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार सुरक्षा और व्यवस्थाओं के पुख्ता इंतजाम, 1500+ CCTV से मेला क्षेत्र की निगरानी 4 लाख से ज्यादा कल्पवासियों ने गंगा स्नान कर लिया कल्पवास का संकल्प

Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार, 3 जनवरी को माघ मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। पौष पूर्णिमा के पावन अवसर पर संगम तट पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। पहले ही दिन शाम सात बजे तक 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाई। प्रशासन के अनुसार, दिन के अंत तक यह संख्या 35 लाख से अधिक पहुंचने का अनुमान है। कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं के बावजूद श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखी। संगम सहित विभिन्न घाटों पर सुबह से देर शाम तक स्नान का सिलसिला लगातार चलता रहा। हरियाणा के रेवाड़ी से आई श्रद्धालु निशा ने बताया कि मेला क्षेत्र में आवागमन से लेकर घाटों पर स्नान तक सरकार द्वारा बेहतरीन व्यवस्थाएं की गई हैं।वहीं मध्य प्रदेश के सीहोर से त्रिवेणी स्नान के लिए आई कल्पना तोमर ने कहा कि महाकुंभ में जो कामना अधूरी रह गई थी, वह इस बार माघ मेले में पूरी हो गई। उन्होंने मेला क्षेत्र की स्वच्छता और व्यवस्थाओं की भी सराहना की। सनातन परंपरा से जुड़े विभिन्न संत और महात्माओं ने भी माघ मेला की पहली पवित्र डुबकी लगाकर धार्मिक अनुष्ठानों का शुभारंभ किया।

 

श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

प्रयागराज के कमिश्नर सौम्या ने बताया कि शाम सात बजे तक 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे और यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय के अनुसार, मेला क्षेत्र और शहर में 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए 24 घंटे केंद्रीय कमांड सेंटर से निगरानी की जा रही है। भीड़ नियंत्रण के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम, वॉच टावर और जल पुलिस की लगातार पेट्रोलिंग से श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित स्नान की सुविधा दी जा रही है।

 

कल्पवास की परंपरा भी शुरू

माघ महीने में मोक्षदायिनी मां गंगा के तट पर होने वाली धार्मिक परंपरा कल्पवास का भी पहले स्नान पर्व के साथ शुभारंभ हो गया। मेला क्षेत्र में पहली बार कल्पवासियों के लिए बसाया गया प्रयागवाल नगर भी इसी के साथ गुलजार हो उठा। पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक चलने वाले कल्पवास के पहले दिन 4 लाख से अधिक कल्पवासियों ने गंगा स्नान कर कल्पवास का संकल्प लिया।

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